
baljeet yadav
जयपुर। ओबीसी आरक्षण विसंगतियों का मामला राज्य की गहलोत सरकार के लिए गलफांस बनता जा रहा है। पूर्व कैबिनेट मंत्री और बायतु से कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी सहित कांग्रेस के कई विधायकों ओबीसी आरक्षण विसंगतियों को लेकर जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को निशाने पर ले रखा है तो वहीं अब ओबीसी आरक्षण विसंगतियों के मामले में निर्दलीय विधायक और मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले बलजीत यादव ने भी मोर्चा खोल दिया है।
बहरोड से निर्दलीय विधायक बलजीत यादव ने ट्वीट करके सरकार पर निशाना साधा है। बलजीत यादव ने आज सुबह ट्वीट करते हुए लिखा कि "ओबीसी आरक्षण की विसंगति के मामले में जनता के सब्र का इम्तिहान ना ले सरकार, वरना भुगतना पड़ेगा गंभीर परिणाम"।
वही दूसरी ओर ओबीसी आरक्षण विसंगति के बहाने बलजीत यादव के ट्वीट को उनकी नाराजगी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। सरकार को समर्थन दे रहे बलजीत यादव लंबे समय से मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से नाराज नाराज बताए जा रहे हैं, उनकी नाराजगी पहले भी कई बार खुलकर सामने आ चुकी है।
हरीश चौधरी ने देर रात एक के बाद एक किए कई ट्वीट
वहीं बायतु से कांग्रेस विधायक और ओबीसी आरक्षण संघर्ष समिति से जुड़े हरीश चौधरी ने एक बार फिर देर रात एक के बाद एक कई ट्वीट करके गहलोत सरकार को निशाने पर लिया। हरीश चौधरी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि "अशोक गहलोत जी आप कह रहे हैं कि जल्दबाजी क्या है? वीडियो भर्ती परिणाम जल्द संभावित है, जिसमें कुल 5396 में से 667 पद ओबीसी पुरुष के हैं, वर्तमान विसंगति से इस भर्ती में ओबीसी के वर्ग के बेरोजगार युवा का चयन नहीं होगा, आशा करता हूं कि आप के रहते युवाओं का भविष्य बर्बाद हो ना हो"
अपने दूसरे ट्वीट में भी हरीश चौधरी ने एक वीडियो संदेश पोस्ट करते हुए लिखा कि "मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी देखिए एसटी वर्ग के भूतपूर्व सैनिक का दर्द, क्या इन्हें राजस्थान में नौकरी पाने का अधिकार नहीं, क्या एसटी वर्ग के सैनिक सैनिक नहीं, आपसे निवेदन है कि इस मुद्दे की गंभीरता को समझिए और तत्काल इसका समाधान कीजिए"।
गौरतलब है कि पंजाब कांग्रेस के प्रभारी और बाड़मेर के बायतु से कांग्रेस विधायक हरीश चौधरी लंबे समय ओबीसी आरक्षण विसंगतियों को दूर करने की मांग को लेकर प्रदेश भर में आंदोलन कर रहे हैं। हाल ही में यह विवाद तब ज्यादा बढ़ गया जब कैबिनेट की बैठक के एजेंडे में शामिल होने के बावजूद भी ओबीसी आरक्षण विसंगति मामले पर कोई चर्चा नहीं हुई, जिसके बाद नाराज हरीश चौधरी सहित कई कांग्रेस विधायकों ने सीधे-सीधे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को निशाने पर लिया था और आर पार की लड़ाई करने का ऐलान कर दिया था।
इसके बाद से ही हरीश चौधरी ओबीसी आरक्षण मामले में गहलोत कैबिनेट के कई सदस्यों से भी समर्थन मांग रहे हैं उन्होंने कैबिनेट मंत्री शांति धारीवाल, लालचंद कटारिया, उदयलाल आंजना, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉक्टर डॉक्टर चंद्रभान से भी मुलाकात करके ओबीसी आरक्षण मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी।
वीडियो देखेंः- पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी से ख़ास बातचीत
Published on:
21 Nov 2022 11:39 am
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