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प्रशासन शहरों के संग अभियान की सुस्त चाल, नाराज मुख्यमंत्री लेंगे कलेक्टर्स की बैठक

यूडीएच मंत्री धारीवाल ने कहा, अभियान के दौरान आ चुके हैं 10 सरकारी अवकाश, कानूनी अड़चनों के चलते भी आ रही है अभियान में परेशानी

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ashok gehlot

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जयपुर। प्रदेश में 2 अक्टूबर से शुरू हुए प्रशासन शहरों के संग अभियान की धीमी गति को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरूवार को अभियान की समीक्षा बैठक के दौरान नाराजगी जताई है। सीएम ने बैठक में कहा कि सबसे निचले स्तर पर बैठे कर्मचारी को कामकाज की जानकारी के अभाव में अभियान गति नही पकड़ पा रहा हैं, सीएम गहलोत ने कहा कि जिस मंशा के साथ में अभियान को शुरू किया गया था, मंशा के मुताबिक आम जनता को राहत नहीं मिल रही है ।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलेक्टर अपनी बात पूरी तरीके से नहीं कर पाए , जिसकी वजह से अब यह माना जा रहा है कि दीपावली के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश के सभी जिला कलेक्टर्स और संभागीय आयुक्त के साथ में जयपुर में बैठक बुलाएंगे । इस बैठक में सभी जिला कलेक्टर और संभागीय आयुक्त को प्रशासन शहरों के संग और गांव के संग अभियान को किस तरह से गति दी जाए उस पर चर्चा करेंगे।

अभियान के दौरान 10 अवकाश
इधर बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में प्रशासन शहरों के संग अभियान की समीक्षा की गई । यह सही है की उम्मीद के मुताबिक अभियान गति नहीं पकड़ पाया है इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि 2 अक्टूबर से अभियान शुरू होने के साथ ही 10 से ज्यादा राजकीय अवकाश आ गए थे।

सभी को निर्देश दिए गए कि वह अभियान को गति दे । धारीवाल ने कहा कि सबसे नीचे के स्तर पर बैठे हुए कर्मचारी को जानकारी के अभाव में काम को गति नहीं मिल पा रही है । इसके लिए सभी जिला कलेक्टर को निर्देश दिया कि वह नीचे के स्तर तक कर्मचारियों को प्रशिक्षित करें , ताकि काम को गति दी जा सके

कानूनी अड़चनों को दूर करेंगे
प्रशासन शहरों के संग अभियान में आ रही कानूनी अड़चनों को लेकर धारीवाल ने कहा कि कोर्ट ने निर्देश दिए कि बिना जोनल प्लान के कहीं पर भी पट्टे दिए जाने पर रोक है, लेकिन जोनल प्लान के अलावा मास्टर प्लान भी है जिसके तहत सरकार पट्टे जारी कर सकती है । नीचे के कर्मचारियों को इसके बारे में जानकारी नहीं है , जिसकी वजह से वह कोर्ट का हवाला देकर पट्टे जारी नहीं कर रहे हैं । बैठक में सभी कलेक्टर को इस बात के निर्देश दिए कि वह मास्टर प्लान के तहत पट्टे जारी करें ।