
...अब सेना मांगे अक्साई चीन,पीओके हो अधीन
आज देश कारगिल विजय दिवस की बीसवीं सालगिरह मना रहा है। 20 साल पहले कारगिल की चोटी पर पाकिस्तान को परास्त कर हमारे वीर जवानों ने करगिल की पहाड़ियों पर तिरंगा लहराया था। 1999 में दुश्मन देश को धूल चटाकर अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर शहीदों की याद में देश विजय दिवस माना रहा है। कारिगल युद्ध में शहीद हुए जवानों को श्रृद्धांजलि अर्पित करने के लिए लोग द्रास वॉर मेमोरियल पहुंच रहे हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नेशनल वॉर मेमोरियल में करगिल विजय दिवस के 20वीं सालगिरह के अवसर पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने लिखा कि सारा देश उन सभी शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद बहादुरी से लड़ते हुए भारत के सम्मान की रक्षा की। उनका अदम्य साहस एवं बलिदान प्रेरणास्पद है। वहीं कश्मीर के युवाओं के आतंकी बनने पर भी बिपिन रावत ने बयान दिया है। उन्होंने कहा, 'कश्मीर में बंदूक और युवा एक साथ नहीं चल सकते हैं। जो भी कश्मीर में सेना के खिलाफ बंदूक उठाएगा वो कब्र में जाएगा और उसकी बंदूक हमारे पास आएगी। हालांकि ये एक मात्र हल नहीं है. हमारी कोशिश है कि यहां का युवा रोजगार की तरफ आगे बढ़े। अपने सुनहरे भविष्य का रास्ता अपनाए.
Published on:
26 Jul 2019 12:44 pm

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