
देवेन्द्र सिंह राठौड़
जयपुर. रक्षाबंधन से पहले बड़ी बहन हेमा जांवलिया ने मुंबई से आकर छोटी बहन अल्का को तोहफे में नई जिंदगी दी है। उसने किडनी डोनेट करके छोटी बहन की जान बचाई है। सवाई मानसिंह अस्पताल में कुछ दिन पहले ही उसकी किडनी ट्रांसप्लांट हुई है। मूलत: कोटा निवासी अल्का (34) विवाहित है। उसकी एक बेटी भी है। आईएएस बनने का सपना था इसलिए शादी के बाद भी यूपीएससी की तैयारी कर रही थी। आठ माह पहले अचानक तेज बुखार आया और बीपी बढ़ गया। परामर्श लिया तो बताया गया कि किडनी खराब हो चुकी है। एसएमएस अस्पताल में संपर्क किया तो वहां डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट की बात कही। पांच भाई-बहनों में सबसे छोटी ज्योति किडनी देने को तैयार हुई लेकिन उसकी किडनी मैच नहीं हुई। फिर मुंबई निवासी बड़ी बहन हेमा डोनेशन के लिए आगे आई। उसकी किडनी मैच भी हो गई। किडनी ट्रांसप्लांटेशन के बाद दोनों बहनें स्वस्थ हैं।
ससुराल वालों ने मुंह मोड़ा
ज्योति के अनुसार किडनी खराब होने की जानकारी मिलते ही दीदी के ससुराल वालों ने उससे मुंह फेर लिया। हमने उसको संबल दिया अब वह फिर से यूपीएससी की तैयारी कर सकेगी।
मैं खुश हूं
किडनी डोनेट करने वाली हेमा (35) ने बताया कि छोटी बहन को नया जीवन मिल गया राखी पर इससे बड़ा तोहफा और क्या हो सकता है। मैं बहुत खुश हूं।
किडनी डोनर्स में 85 फीसदी संख्या महिलाओं की है जबकि किडनी खराब होने पर 15 से 20 फीसदी महिलाओं को ही किडनी मिल पाती है। इसकी वजह भेदभाव है, उसे दूर करना चाहिए। इन बहनों ने मिसाल पेश की है, दूसरों को भी आगे आना चाहिए। प्रेग्नेंसी में रुटीन चैकअप पूरा होना चाहिए।
-डॉ. धनंजय अग्रवाल, सीनियर प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष, एसएमएस अस्पताल
Published on:
30 Aug 2023 12:51 pm
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