
Food Security: जयपुर। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने बुधवार को सचिवालय में विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि गिव अप अभियान के तहत 17.52 लाख अपात्र लोगों ने खाद्य सुरक्षा सूची से नाम हटवाया है, जिससे सरकार को 324 करोड़ रुपये की वार्षिक बचत हो रही है। इस बचत का उपयोग वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ पहुंचाने में किया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा पोर्टल के पुनः प्रारंभ होने के बाद 19.70 लाख नए पात्र लाभार्थियों को जोड़ा गया है। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक कुल 33 लाख से अधिक लाभार्थी जोड़े जा चुके हैं।
ई-केवाईसी की प्रक्रिया भी सफलतापूर्वक संपन्न की गई, जिसके तहत 27 लाख से अधिक लाभार्थियों को सूची से हटाया गया है। 10 वर्ष से कम व 70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों को ई-केवाईसी से छूट दी गई है।
बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड विजिट कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें और अपात्र लाभार्थियों पर दंडात्मक कार्रवाई करें। जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेन्द्र सिंह ने संपन्न लोगों से सब्सिडी छोड़ने की अपील की। अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी योजनाओं में पारदर्शिता, सूचना की उपलब्धता और त्वरित समाधान पर बल दिया।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर खाद्य सुरक्षा पोर्टल को पुनः प्रारंभ किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य खाद्य सुरक्षा से वंचित सभी पात्र लाभार्थियों को एनएफएसए से जोड़ना था। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए अब तक 19.70 लाख नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया है। इसी प्रकार गत वर्ष 12.95 लाख नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा गया था। वर्तमान सरकार द्वारा अपने कार्यकाल में अब तक लगभग 33 लाख नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा से जोड़ा जा चुका है। साथ ही इन लाभार्थियों को मुख्यमंत्री रसोई गैस सब्सिडी योजना के तहत 450 रुपए में सिलेंडर तथा मां योजना के तहत नि:शुल्क उपचार से लाभान्वित किया जा रहा है।
गोदारा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा खाद्य सब्सिडी लाभार्थियों की ई—केवाईसी की प्रक्रिया संपन्न करवा ली गई है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा 10 वर्ष आयु तक के एवं 70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों को ई—केवाईसी की बाध्यता से मुक्त रखने का संवेदनशील निर्णय लिया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की पालना करते हुए जिन लाभार्थियों ने गत 31 मार्च तक ई—केवाईसी सम्पन्न नहीं करवाई, उनका नाम भी एनएफएसए से हटाया गया है। ई—केवाईसी नहीं करवाने के कारण 27 लाख से अधिक लाभार्थियों का नाम खाद्य सुरक्षा सूची से हटाया गया है। इससे बचने वाले अन्न का उपयोग नए लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा सूची से जोड़कर लाभान्वित करने में किया जाएगा।
Updated on:
16 Apr 2025 08:45 pm
Published on:
16 Apr 2025 08:44 pm
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