5 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Gold Loan: साहुकार के पास गिरवी रखने से अच्छा है गोल्ड लोन

अपनी किसी जरूरत के समय हाथ में रुपए हों तो ठीक है। अगर रुपए नहीं हैं तो घर में रखा सोना भी बेहद काम का है। माना भी यही जाता है कि आड़े वक्त में सोने से ज्यादा मददगार कुछ नहीं होता। सोना गिरवी रखने का चलन अब नए दौर में गोल्ड लोन में बदला हुआ माना जा सकता है।

2 min read
Google source verification
Gold Loan: साहुकार के पास गिरवी रखने से अच्छा है गोल्ड लोन

Gold Loan: साहुकार के पास गिरवी रखने से अच्छा है गोल्ड लोन

अपनी किसी जरूरत के समय हाथ में रुपए हों तो ठीक है। अगर रुपए नहीं हैं तो घर में रखा सोना भी बेहद काम का है। माना भी यही जाता है कि आड़े वक्त में सोने से ज्यादा मददगार कुछ नहीं होता। सोना गिरवी रखने का चलन अब नए दौर में गोल्ड लोन में बदला हुआ माना जा सकता है। सोना किसी साहुकार के पास गिरवी रख कर आप जितना कर्ज ले सकते हैं उससे कहीं ज्यादा फायदेमंद और विश्वसनीय माना जा सकता है गोल्ड लोन। देश भी में अभी 25ए000 टन सोना लोगों को घरों में पड़ा हैए जिसे गोल्ड लोन कंपनियां एक अवसर के रूप में देख रही है। केप्री ग्लोबल कैपिटल के बिजनेस हेड रवीश गुप्ता का कहना है कि सोने के गहनों को उच्चतम सुरक्षा प्रदान करने के लिए केप्री की गोल्ड लोन शाखाएं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सिक्योरिटी वॉल्ट लगे हैं। कंपनी ने राजस्थान में 41 गोल्ड लोन शाखाओं की शुरूआत की है और शेष अन्य शाखाएं मध्यप्रदेश, दिल्ली.एनसीआर, हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश एवं महाराष्ट्र में खोली गई हैं।

गिरवी मूल्य के बराबर बीमा भी
सभी शाखाओं में टेक्नोलॉजी को लागू करने से केप्री लोन्स को तुरंत, पारदर्शी तरीके से और बिना किसी परेशानी के गोल्ड लोन फाइनेंसिंग की सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। ये शाखाएं कई पुनर्भुगतान विकल्पों के साथ 6 से 12 महीने की अवधि के लिए गोल्ड लोन प्रदान करेंगी। केप्री लोन्स द्वारा कुल गिरवी रखे गए सोने के 75 फीसदी तक का लोन और सोने की वस्तुओं के गिरवी मूल्य के बराबर बीमा भी प्रदान करेंगी। केप्री ग्लोबल कैपिटल के प्रबंध निदेशक राजेश शर्मा ने कहा कि गोल्ड लोन बाजार में असीमित संभावनाओं के चलतेए हम अपने तकनीकी.उन्नत गोल्ड लोन की यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित हैं। महामारी की वजह से सामने आए वित्तीय संकट ने निम्न से मध्यम आय वाले परिवारों में लोन की मांग को बढ़ा दिया है। सोने के साथ व्यक्ति की भावनाएं जुड़ी होती हैं और इसी वजह से लोग अपने सोने को बेचने के बजाय कोलैटरल के रूप में गिरवी रखते हैं और कम समय के लिए लोन प्राप्त करते हैं। देश के ग्रामीण और अर्ध.शहरी इलाकों में यह प्रवृत्ति स्पष्ट तौर पर दिखाई देती है।

वित्तीय आपात स्थितियों में सक्षम बने

हम चाहते हैं कि ग्राहक हमारे गोल्ड लोन प्रोडक्ट के जरिए अपनी सुरक्षित संपत्तियों का लाभ उठाएं और वित्तीय आपात स्थितियों के अलावा अपने विभिन्न जरूरतों को पूरा करने में सक्षम बनें। हम अगले पांच वर्षों में अपने गोल्ड लोन बुक को 8000 करोड़ रुपए तक पहुंचाने के साथ.साथ 1500 शाखाओं के साथ अपने नेटवर्क का विस्तार करना चाहते हैं। सोना गिरवी रखकर कर्ज लेने वाले लोगों की दो सबसे बड़ी चिंता है उनकी संपत्ति की सुरक्षा तथा किसी अनजान व्यक्ति या संस्थान पर भरोसा की कमी। इसी कारण भारत में असंगठित क्षेत्र अभी भी गोल्ड लोन व्यवसाय पर हावी है। केप्री गोल्ड लोन में प्रत्येक ग्राहक के लिए हमारे डेडिकेटेड रिलेशनशिप मैनेजर उधारकर्ताओं को पारदर्शी रूप से चर्चा करने और वांछनीय सलाह प्राप्त करने में मदद करेंगेए जिसके लिए वे पहले पुश्तैनी साहूकारों या ज्वैलर्स पर निर्भर थे।