
Rajasthan Police Alert: जयपुर. आपकी इंसानियत और मदद करने की भावना अब साइबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार बन गई है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, अस्पताल या पार्क में कोई अजनबी "बैटरी डेड" या "इमरजेंसी कॉल" का बहाना करके आपका अनलॉक फोन मांग लेता है। 10-20 सेकंड में चुपके से 21 अपना नंबर# डायल कर देता है। बस आपके सारे OTP, बैंक अलर्ट, UPI नोटिफिकेशन और व्हाट्सएप मैसेज सीधे ठग के फोन पर फॉरवर्ड होने लगते हैं। आप कुछ समझ पाते, उससे पहले ही लाखों रुपए गायब।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैण्ड या अन्य किसी जगह पर अजनबी का 'बैटरी डेड' बहाना अब साइबर ठगों का सबसे घातक हथियार बन गया। कल्पना कीजिए आप रेलवे स्टेशन पर खड़े हैं, ट्रेन पकड़ने की जल्दी में हैं। अचानक एक सज्जन व्यक्ति आकर कहता है, "भाई साहब, मेरा फोन बंद हो गया, मां को एक जरूरी कॉल करना है, बस एक मिनट..." आपकी इंसानियत जाग जाती है और आप फोन थमा देते हैं।
फोन ठग के हाथ में आते ही यहीं से शुरू होता है ठगों का खेल। फोन आपके हाथ से निकलते ही ठग चुपके से *#21# या 21 और अपना नंबर# डायल कर देता है। बस! अब आपके सारे OTP, बैंक कॉल, UPI अलर्ट और व्हाट्सएप मैसेज सीधे ठग के फोन पर फॉरवर्ड होने लगते हैं। आप कुछ समझते उससे पहले ही आपका पूरा खाता साफ। यह स्कैम देशभर में तेजी से फैल रहा है, खासकर भीड़भाड़ वाली जगहों पर।
राजस्थान पुलिस ने इस खतरनाक ट्रिक को लेकर तुरंत एक्शन मोड में आते हुए लोगों को चेतावनी जारी की है। DGP राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर क्राइम ब्रांच ने साफ कहा – अनजान को अनलॉक फोन कभी मत दो। मदद करनी हो तो खुद नंबर डायल करो, स्पीकर ऑन रखो और फोन हाथ से मत छूटने दो।
ठग अब आपकी सबसे बड़ी ताकत "मदद करने की भारतीय संस्कृति" – काे ही हथियार बना रहे हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, पार्क या टूरिस्ट जगहों पर ये लोग खासतौर पर टारगेट करते हैं जहां लोग जल्दबाजी और भावुकता में फंस जाते हैं।
पुलिस के मुताबिक, कुछ मामलों में ठग फोन में स्पाईवेयर भी डाल देते हैं, जिससे आपके सारे कॉन्टैक्ट्स और चैट्स उनके कंट्रोल में आ जाते हैं। फिर रिश्तेदारों को फर्जी मैसेज भेजकर और पैसे ऐंठ लेते हैं।
फोन मांगकर ठगी करने की यह ट्रिक देशभर में बढ़ रही है। राजस्थान सहित कई राज्यों में बस स्टैंड-रेलवे स्टेशन पर इसी तरीके की ठगी के मामले दर्ज हो चुके हैं। 2025 में अकेले राजस्थान में साइबर फ्रॉड से सैकड़ों करोड़ का नुकसान हो चुका है। राजस्थान हाईकोर्ट भी डिजिटल अरेस्ट और ऐसे फ्रॉड को लेकर केंद्र-राज्य को सख्त निर्देश दे चुका है। पुलिस अब हर हफ्ते ऐसे नए-नए तरीकों पर अलर्ट जारी कर रही है ताकि आम आदमी बच सके।
ठग अब आम लोगों की अच्छाई का फायदा उठा रहे हैं। एक छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार को तबाह कर सकती है। यह पोस्ट Cyber Dost कैंपेन का हिस्सा है, जिसका मकसद है – जागरूकता से अपराध को रोकना। मदद करें, मगर सावधानी के साथ। मदद करना हमारी संस्कृति है, लेकिन साइबर ठग आपकी इसी दयालुता का फायदा उठा सकते हैं।
अगली बार जब कोई "जरूरी कॉल" का बहाना करे, तो मुस्कुराते हुए कह दो – "भाई, बोलो नंबर, मैं खुद डायल कर देता हूं!" जागरूक रहो, सुरक्षित रहो।
Updated on:
05 Apr 2026 02:44 pm
Published on:
05 Apr 2026 02:43 pm
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