
जयपुर। राजस्थान में सहकारिता विभाग की ओर से खरीफ सीजन 2024 के दौरान दलहन और तिलहन की 4700 करोड़ रुपए से अधिक की खरीद की गई है। इसमें मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार मूंगफली की रिकॉर्ड 4 लाख 38 हजार 800 मीट्रिक टन से भी अधिक खरीद दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में किसानों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने के लिए निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रबी सीजन 2025-26 के लिए सरसों और चने की खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन प्रारंभ हो चुका है। साथ ही, किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
राज्य सरकार राजस्थान सहकारिता अधिनियम 2001 को वर्तमान परिस्थितियों के अनुसार प्रासंगिक बनाने के लिए एक नया 'कॉपरेटिव कोड' लाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए गठित समिति ने महाराष्ट्र, गुजरात, मध्यप्रदेश और केरल जैसे राज्यों का दौरा कर वहां के सहकारी कानूनों का अध्ययन किया है।
किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने बजट 2024-25 में 23 हजार करोड़ रुपए से अधिक का ब्याज मुक्त अल्पकालीन फसली ऋण वितरित किया है। इससे 35 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिला है। वहीं, आगामी बजट 2025-26 में 25 हजार करोड़ रुपए के ऋण वितरण की घोषणा की गई है।
इसके अलावा, किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण देने के लिए सहकारी बैंकों के माध्यम से किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी जा रही है। सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि अधिक से अधिक किसानों और ग्रामीणों के बचत खाते सहकारी बैंकों में खुलें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सशक्त और समृद्ध बनाने में सहकारिता आंदोलन की अहम भूमिका है। राज्य सरकार इस दिशा में लगातार प्रयासरत है ताकि किसानों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके।
Published on:
02 Apr 2025 09:51 am
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