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मृणालिनी साराभाई को गूगल ने किया नमन

मृणालिनी की 100वीं बर्थ एनिवर्सरी पर बनाया डूडल

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जयपुर

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Aryan Sharma

May 11, 2018

Jaipur

जयपुर . सर्च इंजन गूगल ने शुक्रवार को जानी-मानी शास्त्रीय नृत्यांगना मृणालिनी साराभाई को उनकी 100वीं बर्थ एनिवर्सरी पर डूडल के जरिए श्रद्धांजलि दी है। डूडल में मृणालिनी छतरी लिए दर्पण एकेडमी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट्स ऑडिटोरियम में खड़ी नजर आ रही हैं, पृष्ठभूमि में उनकी तीन छात्राएं नृत्य करती दिखाई दे रही हैं। इस गूगल डूडल को दिल्ली बेस्ड ग्राफिक डिजाइनर और इलस्ट्रेटर सुदीप्ति टकर ने बनाया है।

कथकली और भरतनाट्यम में माहिर पद्म पुरस्कार से सम्मानित नृत्यांगना का जन्म 11 मई 1918 को हुआ था। उनके पिता एस. स्वामीनाथन मद्रास उच्च न्यायालय में वकील थे और मां ए.वी. अम्माकुट्टी सामाजिक कार्यकर्ता थीं।

विक्रम साराभाई से की थी शादी
मृणालिनी ने छोटी उम्र में दक्षिण भारतीय शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम और कथकली सीखना शुरू कर दिया था। साल 1942 में उन्होंने जाने-माने भौतिक विज्ञानी विक्रम साराभाई से शादी की, जो भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक माने जाते हैं। उनके बच्चे कार्तिकेय और मल्लिका साराभाई हैं। मल्लिका ने भी नृत्य और रंगमंच में अपना कॅरियर बनाया। मल्लिका साराभाई न सिर्फ भरतनाट्यम और कुचिपुडी नृत्य में माहिर हैं, बल्कि उन्होंने राजनीति में भी हाथ आजमाया है। वह अपने बेबाक बयानों के लिए जानी जाती हैं।


300 से अधिक नृत्य नाटकों का किया निर्देशन
साल 1949 में मृणालिनी ने पति के साथ मिलकर अहमदाबाद और गुजरात में दर्पण एकेडमी की स्थापना की। उन्होंने तीन दशक से ज्यादा के कॅरियर में करीब 18 हजार छात्र-छात्राओं को नृत्य में प्रशिक्षित किया और 300 से ज्यादा नृत्य नाटकों का निर्देशन किया।

पद्म श्री और पद्म भूषण से नवाजा गया

मृणालिनी को 1965 में पद्म श्री और 1992 में पद्म भूषण से नवाजा गया। उन्हें 1994 में संगीत नाटक एकेडमी फेलोशिप भी मिली। साल 2013 में उन्हें केरल सरकार के वार्षिक पुरस्कार निशागांधी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा भी नृत्य के क्षेत्र से जुडे कई पुरस्कारों से भी उन्हें सम्मानित किया गया।

21 जनवरी 2016 को 97 वर्ष की आयु में मृणालिनी दुनिया से रुखसत हो गईं।