12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान में 50 हजार से ज्यादा कर्मचारियों का जयपुर में सरकार के खिलाफ हल्ला बोल-ये वजह आई सामने

अखिल राजस्थान राज्य संयुक्त कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष आयुदान सिंह कविया के नेतृत्व में शहीद स्मारक से सिविल लाइन फाटक तक निकाली आक्रोश रैली शाम को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिले महासंघ के पदाधिकारी मुख्यमंत्री ने मांगों पर चर्चा और परीक्षण के बाद समाधान का दिया आश्वासन

2 min read
Google source verification
mahasangh_relly_2.jpg

,,,,

जयपुर.

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ से जुड़े 82 संगठनों व 10 सहयोगी संगठनों से जुड़े 50 हजार से ज्यादा राज्य कर्मचारियों ने लंबित 15 सूत्री मांगों के समर्थन में सोमवार को शहीद स्मारक से लेकर सिविल लाइन फाटक तक आक्रोश रैली निकाली। आक्रोश रैली सिविल लाइन फाटक पर पहुंच कर सभा में बदल गई और महासंघ संघर्ष समिति के प्रदेश संयोजक महावीर शर्मा व अन्य पदाधिकारियों ने अपना संबोधन दिया।

शर्मा ने कहा कि सरकार बीते चार वर्ष से कर्मचारियों से संवाद ही नहीं कर रही है। सरकार में नौकरशाही चुने हुए जन प्रतिनिधियों पर भारी पड़ रही है। इससे सरकार की कर्मचारी हितैशी छवि पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 15 फरवरी तक सरकार कर्मचारियों की मांगें पूरी करे। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाया जाएगा और फिर 1 मार्च से प्रदेश के 8 लाख कर्मचारी महा हड़ताल पर चले जाएंगे।

प्रदेश अध्यक्ष आयुदान सिंह कविया और प्रदेश महामंत्री तेज सिंह राठौड़ ने कहा कि कर्मचारियों को लामबंद होकर राज्य सरकार की गलत नीतियों का विरोध करने का समय आ गया है। सरकार के द्वारा स्वीकृत की गई पुरानी पेंशन योजना तब तक प्रभावी नहीं है जब तक की कर्मचारियों के वेतन से काटे गये अंशदान की राशि उनके जी.पी.एफ. खाते में जमा नहीं हो जाती है।

राज्य सरकार द्वारा जारी संविदा नियम-2022 के अन्तर्गत संविदा कर्मियों के रास्ते स्थायी नियोजन के लिए हमेशा के लिए बंद कर दिए गए हैं, जिससे संविदा कार्मिक जीवन भर बंधुआ मजदूर की तरह काम करने को मजबूर होंगे। राज्य सरकार उक्त नियम को निरस्त करे एवं संविदा कार्मिकों को स्थाई पदों पर नियोजित करे अन्यथा परिणाम उचित नहीं होंगे। सभा को प्यारेलाल चौधरी, केशर लाल चैधरी, ओम प्रकाश शर्मा, बन्नाराम चैधरी, महावीर सिहाग, प्यारेलाल समेत 25 से ज्यादा कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।

मुख्यमंत्री ने बुलाया वार्ता के लिए

शाम को महासंघ के पदाधिकारियों को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने आवास पर वार्ता के लिए बुलाया। उन्होंने 15 सूत्री मांगों पर चर्चा और परीक्षण के बाद सकारात्मक तरीके से समाधान का आश्वाासन दिया।


बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग