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packers and movers: रिलोकेशन इंडस्ट्री की सुध ले सरकार

रिलोकेशन इंडस्ट्री ( Relocation industry ) की मौजूदा समस्याओं को सुधारने और ग्राहकों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से मूवर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (Movers Federation of India ) के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में ग्राहक केंद्रित सेवा और उनके मूल्यवान सामानों की सुरक्षा, ग्राहकों की शिकायतों आदि पर चर्चा की गई, ताकि रिलोकेशन इंडस्ट्री से जुड़े हर ग्राहक को सर्वश्रेष्ठ सेवा उपलब्ध कराया जा सके।

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packers and movers: रिलोकेशन इंडस्ट्री की सुध ले सरकार

packers and movers: रिलोकेशन इंडस्ट्री की सुध ले सरकार

जयपुर। जब भी हम देश के एक कोने से दूसरे कोने में शिफ्ट होना चाहते हैं, तो पैकर्स और मूवर्स की सेवाओं की जरूरत होती है। पर कई बार ग्राहक इन इंडस्ट्री में मौजूद फ्रॉडस या बड़े ब्रांड-नाम से मिलते जुलते फेक नामों के ऑनलाइन लिस्टिंग के द्वारा मिले लुभावने ऑफर्स और कोई जानकारी ना होने के चलते इनके चंगुल में लोग फंस जाते हैं और अपने जीवन भर की कमाई को लुटा बैठते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए रिलोकेशन इंडस्ट्री की मौजूदा समस्याओं को सुधारने और ग्राहकों के हितों की रक्षा के उद्देश्य से मूवर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एमएफआई ) के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में ग्राहक केंद्रित सेवा और उनके मूल्यवान सामानों की सुरक्षा, ग्राहकों की शिकायतों आदि पर चर्चा की गई, ताकि रिलोकेशन इंडस्ट्री से जुड़े हर ग्राहक को सर्वश्रेष्ठ सेवा उपलब्ध कराया जा सके। सम्मेलन को फेडरेशन के संस्थापक अजीत शर्मा के साथ अन्य सह संस्थापक जितिन गुलाटी, अनूप मिश्रा, आलोक भार्गव, अनुज सिंह और रमेश जांगड़ा ने संबोधित किया।
अजीत शर्मा ने बताया कि ऑनलाइन लिस्टिंग और सस्ते के चक्कर में लोग इंडस्ट्री में मौजूद फ्रॉडस के चक्कर में आ जाते है और धोखा खा जाते है, जिससे रिलोकेशन इंडस्ट्री के प्रति लोगों का अविश्वास पैदा होता है और अच्छे मुवर्स की भी छवि धूमिल होती है। फेडरेशन ने सरकार से भी लोगों को रोजगार मुहैया कराने वाली इस इंडस्ट्री की सुध लेने की अपील की है फेडरेशन की मांग है कि रिलोकेशन कंपनी को सरल प्रक्रिया के तहत लाइसेंस उपलब्ध कराए जाएं और सरकार इस इंडस्ट्री के लिए कोई ऐसी बॉडी बनाएं ताकि इससे जुड़े सभी लोगों के हित के लिए काम किया जा सके।
फेडरेशन ने ग्राहकों से भी अपील की कि सस्ते के चक्कर में या लालच में आकर किसी भी अनजान कंपनी को अपने घर का सामान देने से पहले कंपनी की पूरी जांच पड़ताल करने के बाद उस पर विश्वास करें। ऐसे फेक पैकर्ज वाट्सअप और सोशल मीडिया प्लेट्फार्मस पे फर्जी संगठन बना के ग्राहकों को ठगने का काम करते हैं। फेडरेशन ने सरकार से भी लोगों को रोजगार मुहैया कराने वाली इस इंडस्ट्री की सुध लेने की अपील की है फेडरेशन की मांग है कि रिलोकेशन कंपनी को सरल प्रक्रिया के तहत लाइसेंस उपलब्ध कराए जाएं और सरकार इस इंडस्ट्री के लिए कोई ऐसी बॉडी बनाएं ताकि इससे जुड़े सभी लोगों के हित के लिए काम किया जा सके। फेडरेशन ने सरकार को रिलोकेशन इंडस्ट्री के हालात को सुधारने के काम में हर प्रकार के सहयोग का भरोसा दिया है।