
जयपुर।
Govind DevJi Temple Jaipur : सावन के साथ ही शहर के मंदिरों में झूला महोत्सव (Sawan Jhula Festival) शुरू हो गए हैं। शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर (Govind DevJi Temple Jaipur) में मंगलवार को झूला महोत्सव शुरू हुआ। ठाकुरजी के गर्भगृह में झूला झांकी सजाई गई। सभी सातों झांकियों में ठाकुरजी ने भक्तों को झूले पर विराजमान भाव से दर्शन दिए।
रियासतकालीन कलात्मक झूले पर विराजमान गोविंददेवजी और राधाजी (Shri Krishna and Radha) को दर्शनार्थियों ने अपलक निहारा। गोविंददेवजी मंदिर के प्रवक्ता मानस गोस्वामी ने बताया कि मंदिर में झूला झांकी रक्षाबंधन (Raksha Bandhan) तक सजी रहेगी। सिंजारा पर्व से ठाकुरजी को काली गोटेयुक्त लहरिया पोशाक (laharia dress) धारण कराई जाएगी। तीज पर ठाकुरजी को घेवर का भोग लगाया जाएगा। शयन झांकी में ही ठाकुरजी धोती में नजर आएंगे। शेष अन्य झांकियों में प्रतिदिन अलग-अलग रंग के लहरिया-जामा पोशाक धारण कराई जाएगी।
Saras Nikunj : सरस निकुंज में झूला महोत्सव 3 को
आचार्य पीठ सरस निकुंज में श्रावण शुक्ल तृतीया पर 3 अगस्त को झूला महोत्सव आयोजित किया जाएगा। शुक सम्प्रदायाचार्य पीठाधीश्वर अलबेली माधुरीशरण महाराज के सान्निध्य में ठाकुरजी को फूलों के झूलों में विराजमान किया जाएगा। सरस परिकर के प्रवक्ता प्रवीण बड़े भैया ने बताया कि सरस परिकर को फूलों से सजाया जाएगा।
Published on:
31 Jul 2019 06:15 am
