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भाजपा के समर्पण निधि अभियान पर डोटासरा का निशाना, बताया ब्लैक मनी को वाइट मनी में करने का षड्यंत्र

भाजपा के समर्पण निधि अभियान को लेकर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बड़ा आरोप लगाया है।

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भाजपा के समर्पण निधि अभियान पर डोटासरा का निशाना, बताया ब्लैक मनी को वाइट मनी में करने का षड्यंत्र

भाजपा के समर्पण निधि अभियान पर डोटासरा का निशाना, बताया ब्लैक मनी को वाइट मनी में करने का षड्यंत्र

जयपुर। भाजपा के समर्पण निधि अभियान को लेकर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने बड़ा आरोप लगाया है। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा का कहना है कि समर्पण निधि अभियान दरअसल ब्लैक मनी को वाइट मनी में करने का षड्यंत्र है। डोटासरा ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आज मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा के लोग केवल हिंदू मुस्लिम में लगे रहते हैं। जनता की इनको कोई फिक्र नहीं है। भाजपा नेता हिंदू मुस्लिम के बाद अब समर्पण निधि का नमूना लाए हैं। बिना किसी सदस्यता अभियान के इस तरह पैसे इकट्ठे करने का क्या मतलब है। यह केवल ब्लैक मनी को व्हाइट मनी करने का षड्यंत्र है।

राजस्थानी भाषा को मान्यता देने का प्रस्ताव तीन बार केंद्र को भेजा
राजस्थानी भाषा को राजभाषा की मान्यता देने के सवाल पर डोटासरा ने कहा कि हम खुद भी चाहते हैं कि इसे राजभाषा का दर्जा मिले। हमने अब तक कई बार केंद्र को प्रस्ताव भेजे, लेकिन केंद्र ने इसे मंजूरी नहीं दी। राजस्थान विधान परिषद का प्रस्ताव भी हम तीन बार केंद्र को पारित करके भिजवा चुके, लेकिन उस पर गौर नहीं किया जाता भाजपा नेताओं को तो केवल हिंदू मुस्लिम, हिंदुस्तान पाकिस्तान जैसे मुद्दों पर ही राजनीति करनी है।

दिल्ली के इशारों पर राजस्थान की सरकार को बदनाम करने का षड्यंत्र
डोटासरा ने कहा कि राजस्थान में भी भाजपा के नेताओं को राज्य सरकार के खिलाफ एक भी मुद्दा नहीं मिल पाया। अपने दिल्ली नेताओं के दबाव में यह नॉन इश्यू को इशू बनाने में लगे हुए हैं। रीट के मामले पर दे बजे सदन के अंदर और बाहर विरोध जता रहे हैं यह मामला एसओजी की जांच और हाईकोर्ट में लंबित है इसके बावजूद भी ऐसे मुद्दा बनाना कहां तक उचित है। भाजपा नेताओं का विरोध प्रदर्शन फेल हो गया। प्रदर्शन में 50 हजार का दावा करने के बावजूद भी इनके यहां 2000 आदमी नहीं जुटे। रीट के अभ्यर्थी इस में बिल्कुल भी शामिल नहीं हुए। यह बीजेपी का सरकार को केवल बदनाम करने का एक एजेंडा है।

राजस्थान विधानसभा में इनको बात रखने के लिए और चर्चा करने के लिए पूरा मौका दिया गया फिर भी उन्होंने हंगामा किया जनता इनके कृत्यों को देख रही है। भाजपा के नेताओं को चाहिए कि सरकार की योजनाओं में रही खामियों को विधानसभा के अंदर बताएं। केंद्र की मोदी सरकार को भी जनता से कोई सरोकार नहीं है। मोदी सरकार भी केवल इनकम टैक्स सीबीआई ईडी जैसी संस्थाओं का दुरुपयोग करना जानती है। मोदी सरकार जनहित के काम नहीं करके केवल अपने व्यक्तिगत हित के काम में लगी हुई है।


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