24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अभियोजन अधिकारियों की ग्रेड-पे बढ़ाने पर फैसला करे सरकार

हाईकोर्ट (Rajasthan Highcourt) ने राज्य सरकार को प्रदेश के अभियोजन अधिकारियों (prosecution officers) की ग्रेड-पे 4200 से 4800 (Grade Pay) करने के मुद्दे पर निर्णय करके रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अदालत ने सरकार को पूर्व मंे दिए गए आदेशों की विस्तृत पालना रिपोर्ट पेश करने को भी कहा है।

2 min read
Google source verification

जयपुर

न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायाधीश एन.एस.ढड़्ढ़ा ने यह अंतरिम निर्देश राजस्थान सहायक अभियोजन अधिकारी एसोसिएशन की याचिका पर दिए। एडवोकेट अनूप ढंढ़ ने बताया कि याचिका राज्य में अभियोजन को अधिक प्रभावी और मजबूत करने के उद्ेश्य से दायर की गई थी। क्यों कि राज्य की अभियोजन व्यवस्था लचर होने से आमजन का अदालतों से विश्वास कम हो रहा था। जिला अदालतों में गवाहों के बैठने,शौचालय,पीने के पानी जैसी मूलभूत व्यवस्था तक नहीं होने से अभियोजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालात यह हैं कि सरकार की ओर से पैरवी करने वाले अभियोजन अधिकारियों के पास ना बैठने को ऑफिस हैं ना ही लाईब्रेरी और ना ही स्टॉफ। पूरे देश में राजस्थान में अभियोजन अधिकारियों का वेतन सबसे कम है। इस कारण कोई विधि स्नातक अभियोजन अधिकारी नहीं बनना चाहता।

हाईकोर्ट ने सभी ३३ जिला व सत्र न्यायाधीशों को अदालत और अभियोजन के लिए ऑफिस आदि के स्थान की आवश्यकता बताने को कहा था। २०१७ में यह रिपोर्ट पेश हो गई थी और अदालत ने रिपोर्ट फरवरी-२०१७ में ही महाधिवक्ता को सौंपकर पालना करने को कहा था। लेकिन,आज तक इस रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस पर अदालत ने दो बार विस्तृत निर्देश दिए थे। बाद में अदालत ने मुख्य सचिव,एसीएस गृह,एसीएस वित्त और अभियोजन निदेशक की कमेटी बनाकर सभी मुद्दों को हल करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने कमेटी को क्षेत्रीय मुख्यालयों से लेकर तहसील स्तर तक दौरे करके जिला अदालतों के लिए स्थान व अन्य सुविधाओं का पता लगाने को कहा था। बुधवार को सरकार की ओर से पालना रिपोर्ट पेश की गई और बताया कि कमेटी ने अब तक मात्र उदयपुर का ही दौरा किया है। अदालत ने रिपोर्ट को असंतोषजनक बताते हुए पूर्व के आदेशों की विस्तृत पालना रिपोर्ट पेश करने निर्देश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई २५ नवंबर केा होगी।