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आवास योजना में 2 लाख रिजेक्टेड लाभार्थियों का फिर होगा परीक्षण

सरकार ने सभी जिला परिषदों से मांगी रिपोर्ट  

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आवास योजना में 2 लाख रिजेक्टेड लाभार्थियों का फिर होगा परीक्षण

आवास योजना में 2 लाख रिजेक्टेड लाभार्थियों का फिर होगा परीक्षण

जयपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना— ग्रामीण में रिजेक्टेड किए गए प्रदेश के दो लाख से अधिक लाभार्थियों को लेकर सरकार फिर से परीक्षण कराएगी। इस बारे में ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिला परिषदों को निर्देश जारी किए हैं।
प्रदेश में इस योजना के तहत बीते करीब छह साल में 15.90 लाख लाभार्थी ग्राम सभाओं के अनुमोदन के बाद तय किए गए थे।

इनमें से 2.06 लाख लाभार्थियों को केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने लाभार्थी की विभिन्न सूचनाओं के आधार पर रिजेक्ट कर दिया था। इनमें से सर्वाधिक लाभार्थी उदयपुर, टोंक, झालवाड़, डूंगरपुर, बाड़मेर और बांसवाड़ा जिलों के हैं। विभाग के आदेश के अनुसार इन सभी रिजेक्टेड लाभार्थियों का फिर से परीक्षण कराया जाएगा।

पात्र पाए गए लाभार्थियों को कारण बताते हुए इस सूची का ग्राम सभा से अनुमोदन कराया जाएगा। सूत्रों के अनुसार विभाग मान रहा है कि रिजेक्टेड लाभार्थियों में से ऐसे मामले भी हो सकते हैं, जिनमें पात्रता के मानदंडों की गलत सूचना दर्ज होने के कारण इन्हें रिजेक्टेड कर दिया गया। ऐसे में इस प्रक्रिया में पात्र पाए गए लाभार्थियों को लेकर राज्य सरकार फिर से केन्द्र के सामने मामला रखेगी।

इस साल के लिए 3.97 लाख का लक्ष्य

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस साल राजस्थान में 3.97 लाख आवास बनाने का लक्ष्य केन्द्र सरकार की ओर से दिया गया है। इस वर्ष प्रदेश में सर्वाधिक 33 हजार से अधिक आवास उदयपुर में बनेंगे। जबकि सबसे कम भरतपुर में 337 मकान बनाए जाने का लक्ष्य मिला है। राज्य सरकार ने केन्द्र से मिले लक्ष्यों के आधार पर सभी 33 जिलों को लक्ष्य आवंटित कर दिए हैं।