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लोक कलाओं के जरिए होगा प्रशासन गांवों के संग का प्रचार

— तंगी के बीच कलाकारों को राहत के लिए सरकार ने दिए कलक्टरों को आदेश

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लोक कलाओं के जरिए होगा प्रशासन गांवों के संग का प्रचार

लोक कलाओं के जरिए होगा प्रशासन गांवों के संग का प्रचार

जयपुर. कोरोना काल की आर्थिक तंगी के बीच रोजगार के लिए जूझ रहे लोक कलाकारों को राहत के लिए सरकार ने कदम बढ़ाए हैं। ये लोक कलाकार प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में 2 अक्टूबर से चल रहे प्रशासन गांवों के संग अभियान का प्रचार—प्रसार करेंगे।

जिलों में अपनी लोक कलाओं के जरिए अभियान का प्रचार करने के बदले कलाकारों को मेहनताना भी दिया जाएगा। पंचायती राज व ग्रामीण विकास विभाग ने शुक्रवार को सभी कलक्टरों को इसके लिए आदेश जारी किए हैं। विभाग की प्रमुख सचिव अपर्णा अरोड़ा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कोविड से लोक कलाकारों की आजीविका सर्वाधिक प्रभावित हुई है। इनके सुनियोजित नियोजन की संभावना विकसित करना जरूरी है, ताकि कलाकारों को निश्चित सीमा तक आजीविका के साधन उपलब्ध हो सकें।

विभाग ने जिलों में इन कलाकारों के नियोजन की विस्तृत प्रक्रिया भी बताई है। इसके अनुसार लोक कलाकारों को उनके प्रदर्शन के बदले पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की ओर से तय राशि का भुगतान किया जा सकेगा। जिन कलाओं के बारे में दरें निर्धारित नहीं हैं, ऐसी स्थिति में जिला दर अनुमोदन समिति की बैठक में दरें तय की जा सकती हैं।