नगर निगम ग्रेटर महापौर पद से निलंबित सौम्या गुर्जर और तीन पार्षदों को एक बार फिर स्वायत्त शासन विभाग ने नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। तीनों को अपना स्पष्टीकरण देने के लिए तीन दिन का समय दिया है। इस नोटिस को भी जांच प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है।
जयपुर।
नगर निगम ग्रेटर महापौर पद से निलंबित सौम्या गुर्जर और तीन पार्षदों को एक बार फिर स्वायत्त शासन विभाग ने नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। तीनों को अपना स्पष्टीकरण देने के लिए तीन दिन का समय दिया है। इस नोटिस को भी जांच प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है।
दरअसल नगरपालिका अधिनियम की धारा 39 के तहत इस मामले की न्यायिक जांच जिला न्यायाधीश रैंक के अधिकारी से कराई जानी है। विधि विभाग की ओर से जांच अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी। इससे पहले डीएलबी जांच से संंबंधित सभी कामों को पूरा करेगा। इसी वजह से चारों को नोटिस दिया गया है। डीएलबी निदेशक दीपक नंदी ने नगरपालिका अधिनियम की धारा 39 (3) के तहत यह नोटिस भेजा है और उसके साथ जांच रिपोर्ट की प्रति भी भेजी गई है, ताकि जांच रिपोर्ट में जो तथ्य सामने आए हैं और जो आरोप लगाए गए हैं, उन पर चारों अपना स्पष्टीकरण दे सकेंगे। चारों की तरफ से जो स्पष्टीकरण दिया जाएगा, उसके आधार पर आरोप फ्रेम किए जाएंगे। इसके बाद मामला न्यायिक जांच के लिए भेजा जाएगा।
आपको बता दें कि जांच अधिकारी और उपनिदेशक की जांच रिपोर्ट के बाद न्यायिक जांच की दिशा में काम किया जा रहा है। मामले की न्यायिक जांच जिला न्यायाधीश रैंक के अधिकारी से कराई जाएगी। जांच अधिकारी की ओर से संबंधित पक्षों की सुनवाई की जाएगी। सरकार की ओर से भी वकील के माध्यम से मामले की पैरवी होगी। न्यायिक अधिकारी ने जांच में भी दोषी माना तो अधिनियम के तहत किसी भी न्यायालय में आदेश को चुनौती नहीं दे सकेंगे।