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आम आदमी के 2675 करोड़ डूबने के बाद अब जागी सरकार, बजरी खनन के दिए जाएंगे 2000 नए पट्टे

बजरी कारोबार में कुछ लोगों का अधिकार खत्म करने की कवायद में छोटे पट्टे जारी करने की घोषणा की। लेकिन इस हठ से आम आदमी को 2675 करोड़ का नुकसान।

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जयपुर

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Rajesh

Feb 14, 2018

बजरी खनन

बजरी खनन

जयपुर।

आखिर राज्य सरकार ने अपनी हठ चार साल बाद छोड़ी और बजरी कारोबार में कुछ लोगों का अधिकार खत्म करने की कवायद में छोटे पट्टे जारी करने की घोषणा की। लेकिन इस हठ से आम आदमी को 2675 करोड़ का नुकसान हो गया। इतना ही नहीं सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान हुआ। फिलहाल यह नुकसान होना अभी बंद नहीं हुआ है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राजस्थान में बजरी खनन पर रोक लगाई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। कोर्ट ने 16 नवंबर 2017 को बजरी खनन पर रोक लगा दी। इसके बाद राज्य में बजरी के भाव आसमान छू गए, अवैध रूप से आने वाली बजरी तीन गुना तक महंगी हो गई। लोगों के लिए घर बनाना मुश्किल हो गया। इस संबंध में राजस्थान पत्रिका शुरू से ही खबरें प्रकाशित कर पाठकों की आवाज को सरकार तक पहुंचाता रहा। आखिर सरकार चेती भी लेकिन लोगों के और राजस्व के करोड़ों के नुकसान के बाद।

91 दिन में कैसे हुआ 2675 करोड़ का नुकसान

वर्तमान में ...
60 लाख फीट बजरी खपत है राजस्थान में हर दिन
80 रुपए फीट है बजरी का बाजार भाव वर्तमान में
48 करोड़ रुपए की बजरी हर दिन बिकती है

पहले क्या थे हाल...
31 रुपए फीट मिलती थी बजरी
18.6 करोड़ की बजरी बिकती थी हर दिन
29.4 करोड़ का नुकसान आम आदमी को हर दिन
हर दिन होने वाले नुकसान का आंकलन 91 में किया जाए तो यह 2675 करोड़ होता है।

73 करोड़ की रॉयल्टी का नुकसान
राज्य में बजरी खनन बंद होने से राज्य सरकार को अब तक करीब 73 करोड़ की रॉयल्टी का नुकसान हुआ है। बजरी से सरकार को रोजाना 80 लाख रुपए के आसपास रॉयल्टी मिलती है, ऐस में अब तक 91 दिनों में करीब 73 करोड़ रुपए की रॉयल्टी से हाथ धोना पड़ा है।

बड़ी खानों की नीलामी से पहले ही किया था अलर्ट...
राज्य में वर्ष 2013 में बजरी के 5000 हेक्टेयर तक के पट्टे देने की चल रही कवायद के दौरान ही राजस्थान पत्रिका ने खबरें प्रकाशित कर राज्य सरकार के चेताया था कि बड़े पट्टे देने से प्रदेश में बजरी मंहगी हो जाएगी। इसके बावजूद खान विभाग ने बड़े पट्टे जारी कर बजरी खानों की नीलामी कर दी।

कोर्ट ने मांगी रिपोर्ट
प्रदेशभर में अभी मात्र 53 बजरी की खानों में खनन हो रहा था। लेकिन इन खानों में भी सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने नदियों में बजरी खनन और बरसात के दौरान बजरी की आवक को लेकर स्टडी रिपोर्ट मांगी है। इस स्टडी रिपोर्ट के साथ मुख्य सचिव को शपथ पत्र नियमों के तहत बजरी खनन कराने का देना है। लेकिन खान विभाग अभी तक सभी खानों की स्टडी रिपोर्ट ही तैयार नहीं करा सका है। अभी तक मात्र 17 खानों की स्टडी रिपोर्ट तैयार हुई है। इस पर चालू माह के अंतिम सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।

फैक्ट फाइल...
- 80 बजरी खानों को वर्ष 2013 में खनन के लिए अस्थायी स्वीकृति जारी
- 2 बजरी खानों को एनजीटी के आदेश से बंद कराया
- 24 बजरी खान गारंटी व प्रीमियम राशि जमा नहीं कराने पर की निरस्त
- 1 खान को बंद करने की चल रही प्रक्रिया
- 53 बजरी खानों में अभी हो रहा था खनन