
जयपुर
जहां बजरी खनन पर रोक के कारण जिलेभर में निजी एवं सरकारी निर्माण पर लगभग ब्रेक सा लग गया वहीं अवैध रूप से बजरी का परिवहन कर ग्राम पंचायत मंडालिया मैदा में बजरी का स्टॉक किया जा रहा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से 58 लाख की लागत से बनाए जा रहे गौरव पथ के निर्माण कार्य के लिए ठेकेदार ने अवैध रूप से बजरी डलवा रहे हैं। इतना ही नहीं बजरी में नाले की मिट्टी मिलाकर गौरव पथ सड़क का निर्माण करवाया जा रहा है। पड़ताल करने पर सामने आया कि कई स्थानों पर ठेकेदारों ने बजरी के अभाव में सरकारी निर्माण रोक दिए हैं लेकिन कई स्थानों पर ठेकेदार ने खनन माफिया से सांठगांठ कर अपनी मनमर्जी से अवैध बजरी का भंडारण कर उसमें नाले की मिट्टी मिलाकर घटिया सामग्री से निर्माण करवाया जा रहा है।
सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान
प्रशासन एवं पुलिस की उदासीनता के चलते इन बजरी खनन माफिया का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। यहां तक कि खनन माफिया की मिलीभगत से रातों-रात कई साधनों से एस्कोर्ट कर शहर तक अवैध बजरी की चोरी छिपे आपूर्ति की जा रही है और सरकार को लाखों के राजस्व का नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
बंद हो गया था गौरव पथ का निर्माण
गौरतलब है कि उच्च न्यायालय की रोक के बाद से ही जयपुर जिले के अंदर बजरी के अभाव में निर्माण कार्य पूरी तरह ठप पड़े हैं। जबकि चाकसू से 10 किलोमीटर दूरी पर ग्राम पंचायत मंडालिया मैदा में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा मंडालिया मैदा में 58 लाख की लागत से बनाई जा रही गौरव पथ सड़क बजरी नहीं होने के कारण बंद पड़ी थी। लेकिन अब सार्वजनिक निर्माण विभाग के ठेकेदार बजरी माफिया से मिलीभगत कर रातों-रात बजरी स्टॉक कर रहा है एवं नाले की बजरी मिलाकर खुलेआम जनता के साथ विश्वासघात कर रहा है। लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। दूसरी तरफ ग्रामवासी सरकार से पूरे मामले में जांच करवाने की मांग कर रहे हैं।
Published on:
21 Mar 2018 12:43 pm

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