
ग्रेटर निगम पार्कों को गोद देने की तैयारी कर रहा है। अगले सप्ताह तक नियम और शर्तें तैयार कर ली जाएंगी और उसके आधार पर निगम पार्कों को गोद देना शुरू करेगा। उद्यान समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। समिति अध्यक्ष राखी राठौड़ ने बताया कि तीन तरह का प्लान बनाया जाएगा और उसी के आधार पर पार्कों को गोद देने की प्रक्रिया शुरू होगी। पहले चरण में 100 पार्कों को गोद दिया जाएगा। दरअसल, पार्कों को गोद देने का प्रस्ताव आठ जुलाई को कार्यकारिणी समिति की बैठक में आया था।
होंगे ये तीन विकल्प
1- सीएसआर के तहत नामचीन कंपनियों को आमंत्रित किया जाएगा। इसमें कंपनियां ही पार्क का रखरखाव करेंगी।
2- विकास समितियों को पार्क गोद दिए जाएंगे। इसके लिए समिति रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है। निगम कुछ सहायता राशि भी समिति को देगा। निगरानी उद्यान शाखा करेगी।
3- ऐसी कंपनियां जो पार्क तो गोद लेना चाहती हैं, लेकिन रखरखाव की जिम्मेदारी नहीं लेना चाहती उनकी निगरानी निगम अपने स्तर या फिर विकास समिति को देगा।
खास खास
-900 से अधिक पार्कों को ग्रेटर निगम करता है संधारित
-10 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होता है पार्कों के रखरखाव पर
Published on:
08 Nov 2024 06:44 pm
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