
होर्मुज जलडमरूमध्य के मार्ग में बाधा से तेल-गैस आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच प्रशासन को सतर्क कदम उठाने होंगे। ऐसे समय में कुछ मुनाफाखोर लोग गैस गोदाम मालिकों से सांठगांठ कर कालाबाजारी की कोशिश करते हैं, जिससे आम उपभोक्ता परेशान होता है। प्रशासन को गैस गोदामों और डिस्ट्रीब्यूटर्स पर निगरानी तंत्र बनाकर कंट्रोल रूम स्थापित करना चाहिए। रोजाना टीमों द्वारा गोदामों के स्टॉक और वितरण की जांच हो तथा ऑनलाइन बुकिंग और वास्तविक सप्लाई का नियमित ऑडिट किया जाए। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और जनता को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी। - दिनेश मेघवाल, उदयपुर
घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध रिफिलिंग आज गंभीर समस्या बन चुकी है। कई बिचौलिए घरेलू सिलेंडरों से गैस निकालकर व्यावसायिक उपयोग में बेच देते हैं, जो आर्थिक अपराध होने के साथ सुरक्षा के लिए भी खतरनाक है। इस पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन को प्रत्येक सिलेंडर पर अनिवार्य क्यूआर कोड ट्रैकिंग लागू करनी चाहिए। साथ ही संदिग्ध ढाबों और होटलों पर औचक छापेमारी के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित की जाए। गैस एजेंसियों के स्टॉक का डिजिटल ऑडिट हो और दोषियों के लाइसेंस निरस्त किए जाएं। एक पारदर्शी हेल्पलाइन भी शुरू की जानी चाहिए। - राकेश खिलेरी, चौहटन (बाड़मेर)
गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन को बहुआयामी कदम उठाने चाहिए। नियमित जांच, सख्त कानूनी कार्रवाई और पूरी सप्लाई चेन की निगरानी अनिवार्य होनी चाहिए। इसके साथ ही जनजागरूकता अभियान चलाकर उपभोक्ताओं को भी सतर्क किया जाए। लाइसेंसिंग प्रक्रिया को मजबूत बनाते हुए मूल्य नियंत्रण और तकनीकी निगरानी बढ़ाई जाए। आवश्यकता पड़ने पर आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ईएसएमए) लागू किया जा सकता है। साथ ही एक उपभोक्ता को निर्धारित समय जैसे 25 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर देने की व्यवस्था लागू करने से भी कालाबाजारी पर अंकुश लगाया जा सकता है। - नेहल जांगिड़, पालड़ी मीणा (जयपुर)
गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला कलेक्टर के अधीन एक पारदर्शी वितरण व्यवस्था शुरू की जानी चाहिए। कई बार एजेंसियों के पास पर्याप्त स्टॉक होते हुए भी अफवाहों के कारण जनता में कमी का डर फैल जाता है। इससे लोग अग्रिम सिलेंडर जमा करने लगते हैं और एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें लग जाती हैं। ऐसी स्थिति में कृत्रिम कमी पैदा हो जाती है, जिसका लाभ कालाबाजारी करने वाले उठाते हैं। प्रशासन यदि आपूर्ति और वितरण की स्पष्ट निगरानी करे तो अफवाहों पर रोक लगेगी और जनता को राहत मिलेगी। - राधेश्याम शर्मा, कांकरोली (राजसमंद)
गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए प्रशासन को कड़े कानून और सख्त नियम लागू करने चाहिए। जो लोग या व्यापारी अवैध तरीके से सिलेंडरों की जमाखोरी या कालाबाजारी करते हैं, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। दोषियों के लिए कारावास और भारी आर्थिक दंड का प्रावधान होना जरूरी है, ताकि इस तरह की गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। सख्त दंड से न केवल दलालों पर नियंत्रण होगा, बल्कि उपभोक्ताओं का भरोसा भी सरकारी व्यवस्था पर बना रहेगा। - सुरेंद्र कुमार बिंदल, जयपुर
गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन को ठोस और प्रभावी व्यवस्थाएं लागू करनी चाहिए। गैस एजेंसियों के स्टॉक रजिस्टर का नियमित ऑडिट अनिवार्य किया जाए और निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक मिलने पर तत्काल जब्ती की कार्रवाई हो। बिना वैध बुकिंग के सिलेंडर की आपूर्ति पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। उपभोक्ताओं को सिलेंडर देने से पहले ओटीपी-आधारित सत्यापन प्रणाली लागू की जाए। साथ ही, संदिग्ध डीलरों की हाई-रिस्क सूची बनाकर उन पर नियमित और विशेष निगरानी रखी जाए। आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी से इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। - आशीष धायल, झुंझुनूं
गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन को समय-समय पर सघन जांच अभियान चलाने चाहिए। इसके साथ ही, निगरानी तंत्र को मजबूत बनाकर कालाबाजारी करने वालों की पहचान की जाए। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और गैस सिलेंडरों को जब्त किया जाए। जिन डीलरों या एजेंसियों की संलिप्तता सामने आए, उनके लाइसेंस तत्काल निरस्त किए जाने चाहिए। कठोर दंडात्मक नीति और सतत निगरानी से ही इस अवैध गतिविधि पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। - आनन्द सिंह राजावत, ब्यावर
घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग रोकने के लिए प्रशासन को जांच और निगरानी बढ़ानी चाहिए। जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जाए। आपूर्ति श्रृंखला की नियमित निगरानी, औचक छापेमारी और मजबूत मुखबिर तंत्र इस दिशा में कारगर साबित हो सकते हैं। अवैध रिफिलिंग केंद्रों पर कड़ी कार्रवाई हो तथा बुकिंग और डिलीवरी की समयसीमा तय की जाए। आम नागरिकों की शिकायतों के लिए 1906 जैसी हेल्पलाइन को सक्रिय रखना भी जरूरी है, ताकि समस्या का समय पर समाधान हो सके। - डॉ. मुकेश भटनागर, भिलाई (छत्तीसगढ़)
Updated on:
12 Mar 2026 08:02 pm
Published on:
12 Mar 2026 03:46 pm
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