Nagar Nigam Jaipur: सरकार ने सरकारी कार्यालयों, नगर निगमों व बोर्ड कार्यालयों में कर्मचारियों को वर्दी पहनना अनिवार्य कर रखा है, लेकिन कर्मचारी बिना वर्दी के ही कार्यालय में आ रहे है। वर्दी के लिए सरकार की ओर से भुगतान भी किया जाता है।
गिर्राज शर्मा @ जयपुर। सरकार ने सरकारी कार्यालयों, नगर निगमों व बोर्ड कार्यालयों में कर्मचारियों को वर्दी पहनना अनिवार्य कर रखा है, लेकिन कर्मचारी बिना वर्दी के ही कार्यालय में आ रहे है। वर्दी के लिए सरकार की ओर से भुगतान भी किया जाता है। बात करें शहर के दोनों नगर निगमों की तो इस बार भी निगम कर्मचारियों को वर्दी के लिए दो से ढाई हजार रुपए के भुगतान किया जाएगा, इसके लिए आदेश भी जारी हो गए।
सरकार के आदेश और कर्मचारी ट्रेड यूनियन की मांग का हवाला देते हुए हैरिटेज नगर निगम और जयपुर ग्रेटर नगर निगम प्रशासन ने निगम के महिला कर्मचारी व महिला सफाईकर्मी के साथ जमादार, वाहन चालकों व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को वर्दी के भुगतान के आदेश जारी किए है। इस आदेश के अनुसार अब सभी कर्मचारियों को निगम कार्यालय में वर्दी में आना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर कोई कर्मचारी वर्दी पहनकर कार्यालय में उपस्थित नहीं होता है तो प्रभारी अधिकारी उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
किसको कितना भुगतान
पद — भुगतान सालाना
जमादार — 2250
वाहन चालकों — 2250 रुपए
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी — 2000
महिला कर्मचारी व महिला सफाईकर्मी — 2350
हर साल मिलता भुगतान
जानकारों की मानें तो नगर निगम में जमादार, वाहन चालकों व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अलावा महिला कर्मचारियों व महिला सफाई कर्मियों को वर्दी के लिए हर साल सालाना भुगतान मिलता है। हालांकि यह भुगतान बहुम कम होने से कर्मचारी वर्दी लाने से बचता है। उधर कर्मचारियों की मानें तो सरकार वर्दी का जितना भुगतान करती है, उससे साल भर के लिए वर्दी लाना मुश्किल है।
हैैरिटेज निगम में पहली बार भुगतान
नव गठित हैरिटेज नगर निगम में कर्मचारियों का वर्दी का भुगतान पहली बार हो रहा है। पिछले तीन सालों से निगम प्रशासन ने कर्मचारियों के वर्दी का भुगतान नहीं किया। इस बार निगम आयुक्त ने भुगतान के आदेश जारी कर दिए है। जबकि ग्रेटर नगर निगम में हर साल वर्दी के लिए भुगतान मिलता है।
पहले पहनते थे वर्दी
जानकारों की मानें तो नगर निगम में करीब 15—20 साल पहले कर्मचारी वर्दी में नजर आते थे, तब कर्मचारियों की अलग—अलग वर्दी हुआ करती थी। तक कार्यालय कर्मचारियों के साथ ही वाहन चालक वर्दी में आते थे।
यह भी पढ़ें : जयपुर में तारे होंगे जमीं पर, बाजार में समुद्र मंथन
भुगतान किया, कलर तय नहीं
दोनों नगर निगम आयुक्तों ने कर्मचारियों के लिए वर्दी का भुगतान कर दिया है, लेकिन अभी कर्मचारियों की वर्दी का कलर ही तय नहीं हुआ है। ऐसे में इस बार भी कर्मचारियों के वर्दी पहनने पर संशय ही है।