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ग्रेटर निगम का पार्षदों को खुश करने के लिए ग्रेट कदम…दो कमरों का पार्षद कार्यालय, दो कर्मचारी करेंगे साफ-सफाई

ग्रेटर नगर निगम में वार्ड कार्यालय के लिए दो अस्थायी अकुशल श्रमिक दिए जाएंगे। निगम के इस फैसले को पार्षदों को खुश करने के तौर पर देखा जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि 150 में से 60 वार्ड ऐसे हैं, जहां पार्षद कार्यालय ही नहीं बने हैं। इन पार्षदों को वार्ड में एक जगह को कार्यालय घोषित करना होगा। इसके बाद उनको भी यह सुविधा मिलने लगेगी।

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ग्रेटर निगम का पार्षदों को खुश करने के लिए ग्रेट कदम...दो कमरों का पार्षद कार्यालय, दो कर्मचारी करेंगे साफ-सफाई

ग्रेटर निगम का पार्षदों को खुश करने के लिए ग्रेट कदम...दो कमरों का पार्षद कार्यालय, दो कर्मचारी करेंगे साफ-सफाई

जयपुर. ग्रेटर नगर निगम में वार्ड कार्यालय के लिए दो अस्थायी अकुशल श्रमिक दिए जाएंगे। निगम के इस फैसले को पार्षदों को खुश करने के तौर पर देखा जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि 150 में से 60 वार्ड ऐसे हैं, जहां पार्षद कार्यालय ही नहीं बने हैं। इन पार्षदों को वार्ड में एक जगह को कार्यालय घोषित करना होगा। इसके बाद उनको भी यह सुविधा मिलने लगेगी।

एक सितम्बर को आयुक्त महेंद्र सोनी ने हर वार्ड कार्यालय के लिए दो अस्थायी कर्मचारी देने का कार्यादेश जारी कर दिया। अगले 15 दिन में कर्मचारी उपलब्ध कराने का काम शुरू करना होगा। पार्षदों को खुश करने के लिए निगम कोष से प्रति माह 22.23 लाख खर्च होंगे।

शहर की सफाई व्यवस्था चौपट

-एक तरफ शहर की सफाई व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है और दूसरी ओर पार्षदों की सुविधा पर निगम दिल खोलकर खर्च कर रहा है।

-मालवीय नगर और मुरलीपुरा जोन को छोड़ दें तो बाकी जोन में हूपर का समय निर्धारित नहीं है। दोपहर तक घरों से कचरा उठाने हूपर पहुंच रहे हैं।

दो कम्पनियां उपलब्ध कराएंगी अकुशल श्रमिक

- करणी सेफ सिक्योरिटी को 81 वार्ड में 162 अकुशल श्रमिक उपलब्ध कराने का कार्यादेश दिया है।

- ग्रीन ग्लोब सॉल्यूशन को 69 वार्ड में 138 अकुशल श्रमिक उपलब्ध कराने का कार्यादेश दिया गया है।

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पहले भी दो-दो बीट कर्मचारियों का कार्यादेश दिया था, लेकिन उस समय कम्पनी कर्मचारी मुहैया नहीं करवा पायी थी। जिन वार्डों में कार्यालय नहीं हैं, वहां पार्षदों को कार्यालय घोषित करने होंगे। ये कर्मचारी कार्यालय में साफ सफाई और रखरखाव का काम देखेंगे।

-मुकेश मूंड, उपायुक्त स्वास्थ्य, ग्रेटर नगर निगम

हैरिटेज में हुआ था विवाद

इसी वर्ष जून में बीट कर्मचारियों को लेकर हैरिटेज नगर निगम में विवाद हो गया था। अतिरिक्त आयुक्त राजेंद्र वर्मा ने पार्षदों पर अभद्रता के आरोप लगाए थे और बाद में प्राथमिकी भी दर्ज हुई थी। वहां तो एक वार्ड के लिए चार-चार अस्थायी कर्मचारियों का कार्यादेश देने की तैयारी थी।

पार्षदों का सीधा फायदा

-भर्ती के नाम पर ज्यादातर पार्षद अपने रिश्तेदारों और घर के लोगों को ही बीट कर्मचारी के तौर पर लगवा लेंगे। काम करने वाले दो कर्मियों को निगम 7410-7410 रुपए प्रतिमाह देगा।

-अभी राज्य सरकार अस्थायी अकुशल मजदूरों को प्रतिदिन 259 रुपए दे रही है। हाल ही सरकार ने इसे बढ़ाकर 285 रुपए प्रतिदिन कर दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में निगम नई दर से ही भुगतान करेगा।