
उदयपुर।
सियासत में शायद ही ऐसा कोई नेता होगा जिसकी हसरत कम से कम एक बार प्रदेश का मुख्यमंत्री की नहीं रहती होगी। पर ऐसी हसरत कई नेता दिल में ही रखते हैं, ज़बां पर नहीं लाते। लेकिन राजस्थान में सियासी सरगर्मियों के बीच एक दिग्गज भाजपा नेता की पत्नी ने ये इच्छा सार्वजनिक मंच पर बता दी है। जी हां, गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया की पत्नी अनिता कटारिया ने कहा है कि कटारिया और उनका सपना है कि वे राजस्थान के मुख्यमंत्री बने। कटारिया के उदयपुर में सोमवार को स्वागत के दौरान उनके साथ चल रही उनकी पत्नी अनिता कटारिया ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कटारिया आगे बढ़ें, हमारा-उनका सपना है कि वे राजस्थान के सीएम बने और ये सपना पूरा भी होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कटारिया को टिकट मिलने के बाद उनकी बेटी ने भी पापा को तिलक किया, बेटियां भी पापा के लिए काम करती है। जब उनसे जानकारी चाही कि सीएम पद के लिए कटारिया रथयात्रा निकाल रहे हैं? तब बोली कि ये तो पार्टी को मेवाड़ में जिताने के लिए दौरे पर जा रहे हैं।
गौरतलब है कि वसुंधरा कैम्प के सीनियर लीडर्स की फहरिस्त में गुलाब चंद कटारिया का नाम सबसे ऊपर आता है। फिलहाल उनके पास गृह मंत्री का महत्वपूर्ण ज़िम्मा है।
पहले भी लग चुके हैं सीएम बनाये जाने के कयास
ये पहली बार नहीं है जब कटारिया के नाम को राजस्थान के मुख्यमंत्री पद से जोड़ा जा रहा है। कटारिया को सीएम बनाये जाने के कयास और चर्चाएं समय-समय पर जगज़ाहिर हो चुकी हैं। बात साल 2015 की है जब सीएम वसुंधरा राजे, ललित मोदी प्रकरण में चौतरफा घिरी हुई थी। बीजेपी आलाकमान पर सीएम बदलने का लगातार दबाव बन रहा था। तब कटारिया विकल्प के तौर पर सीएम बनाये जाने की चर्चाओं ने ज़ोर पकड़ लिया था। मीडिया रिपोर्ट्स और राजनीतिक गलियारों में उनके सीएम पद के लिए सुझाये जा रहे नाम को चर्चाएं होने लगीं थीं। उस समय कटारिया के अलावा राजेंद्र राठौड़, ओम माथुर, अशोक परनामी और घनश्याम तिवाड़ी का नाम भी प्रदेश के इस नंबर वन पोज़िशन के लिए लिया जा रहा था।
राजस्थान की सियासत के दिग्गज हैं कटारिया
गुलाब चन्द कटारिया भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में से एक हैं और पार्टी की केन्द्रीय कार्य समिति के सदस्य हैं। उदयपुर से ताल्लुक रखने वाले कटारिया फिलहाल गृह मंत्री है। इससे पहले वे राजस्थान सरकार में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज मंत्री रह चुके हैं। उनकी सीनियोरिटी के पैमाने का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि वे अब तक 8 बार विधायक रह चुके हैं। इस सीट से बीजेपी के पास जिताऊ कैंडिडेट का उनके अलावा कोई विकल्प नहीं है। हालांकि कटारिया देश के सबसे चर्चित रहे सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले के चलते विवादों में भी रहे हैं।
Published on:
13 Nov 2018 10:29 am

बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
