
होली पर छोटे बच्चे से लेकर हर उम्र के लोग इसे इस्तेमाल कर सकते हैं। गुलाल गोटा बनाने के हुनर को मनिहारों के रास्ते में पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाया जा रहा है। मांग अधिक होने से इन परिवारों की युवा पीढ़ी भी इसे बनाने का हुनर सीख रही है।

लाख से बने गुलाल गोटे का वजन महज दस ग्राम होता है। लाख को गर्म करने के बाद फूंकनी की मदद से फुलाकर उसमें गुलाल भरी जाती है।

लाख की परत इतनी नरम और हल्की होती है कि गुलाल गोटे को सामने वाले पर फेंकने पर लाख की परत टूट जाती है और वह व्यक्ति अलग-अलग खुशबूदार अरारोट की गुलाल से सराबोर हो जाता है। यहां से देशभर में गुलाल गोटा जाता है।

इस बार होली के लिए कई महीनों पहले ही कॉर्पोरेट जगत से लेकर देशभर में कई जगहों से गुलाल गोटे के ऑर्डर मिल चुके हैं।

इसके अलावा ब्रिटेन, स्पेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल और फ्रांस सहित अन्य देशों के प्रवासी भारतीयों ने भी गुलाल गोटा मंगाया है।

इन्हें चार, छह, आठ, दस की आकर्षक गोल्डन डिब्बे की पैकिंग कर भेजा जा रहा है।

इसके अलावा इसके कारीगरों को जयपुर में होने वाले होली महोत्सव के लिए भी ऑर्डर मिले हैं।