
हस्त कला कौशल जीवन संवारने में लाभकारी
जयपुर। सीकर जिला प्रभारी एवं देवस्थान राज्य मंत्री राजकुमार रिणवां ने बालक-बालिकाओं से कहा कि उनके लिए हस्त कला कौशल जीवन संवारने में बहुत लाभकारी सिद्ध होगा। रिणवां सीकर में राजस्थान राज्य भारत स्काउट व गाइडस की ओर से आयोजित जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन कौशल विकास अभिरूचि, हस्तकला एवं लघु उद्योग शिविर में बेहतर प्रदर्शन करने वाले बालक-बालिकाओं के सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे।
रोजगार शुरू कर परिवार की आमदनी बढ़ा सकते हैं
राजकुमार रिणवां ने बालक-बालिकाओं एवं अभिभावकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि अभिरूचि शिविर में बच्चों ने उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन करना एक सराहनीय कदम है है। प्रतिभागी अपने हुनर से विभिन्न कलाओं को हाथों से उकेर कर अपना रोजगार शुरू कर परिवार की आमदनी बढ़ा सकते हैं। उन्होंने स्काउटस व गाईडस एवं प्रशिक्षकों को धन्यवाद देते हुए कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में इस प्रकार के शिविर लगाकर बच्चों को प्रशिक्षण देवें ताकि युवा वर्ग भी इन कलाओं, परम्पराओं एवं विधाओं को पुनर्जीवित कर सके। उन्होंने मारू स्कूल के हॉल में बालक-बालिकाओं के हाथों से बनी वस्तुओं की प्रदर्शनी को देख आश्चर्य व्यक्त करते हुए सभी की प्रशंसा कर प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया।
45 दिवसीय शिविर
जिला कलेक्टर नरेश कुमार ठकराल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस 45 दिवसीय शिविर में विद्यालय की बालिकाओं के साथ शहर की बच्चियों ने अपने अनुभवों को हस्तकला के माध्यम से सुन्दर ढंग से प्रदर्शित कर नई पहचान बनाई है। उन्होंने बिना स्वार्थ निःशुल्क सहयोग देने वालों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों में 31 प्रकार के विधाओं में लगभग 500 प्रतिभागियों ने हस्तकला का हुनर प्राप्त किया है।
सीकर विधायक रतनलाल जलधारी ने कहा कि शिविर में विभिन्न प्रकार के हस्तकला उद्योग को नई पहचान मिलेगी। समारोह में स्काउट के डिविजनल मुख्य आयुक्त सांवरमल वर्मा, सहायक संगठन आयुक्त दामोदर प्रसाद शर्मा, श्रीमती अंजू ठकराल सहित भामाशाहगण उपस्थित थे।
Published on:
19 Jun 2018 05:07 pm
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
