
Hariyali Amavasya 2023: हरियाली अमावस्या पर सोमवती आने से बन गया ये शुभ संयोग, पेड़-पौधों की पूजा से आएगी खुशहाली
Hariyali Amavasya 2023: श्रावण कृष्ण अमावस्या पर सोमवार को हरियाली अमावस्या मनाई जाएगी। शहर के मंदिरों में विशेष आयोजन होंगे। सावन के दूसरे सोमवार को हरियाली अमावस्या आने से इस दिन सोमवती अमावस्या का भी संयोग बन रहा है। शिव मंदिरों के साथ गोविंददेवजी मंदिर व अन्य मंदिरों में विशेष झांकी के दर्शन होंगे। इस दिन बुधादित्य योग भी बन रहा है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि सावन के दूसरे सोमवार को हरियाली अमावस्या होने की वजह से इस दिन सोमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है। हरियाली अमावस्या पर सूर्य कर्क संक्रांति भी है। इस दिन सूर्य देव का कर्क राशि में प्रवेश होगा। सूर्य का गोचर कर्क राशि में होने से कर्क राशि में बुधादित्य नामक राजयोग बनने जा रहा है। इस राजयोग के प्रभाव से सूर्य देव की कृपा बरसेगी।
पेड़-पौधों के पूजन का महत्व
ज्योतिषाचार्य सुरेश शास्त्री ने बताया कि शास्त्रों में हरियाली अमावस्या पर पूजा-पाठ, स्नान-दान करना उत्तम माना गया है। साथ ही पर्यावरण की दृष्टि से भी हरियाली अमावस्या का बहुत महत्व है। हरियाली अमावस्या पर कुछ विशेष वृक्षों की पूजा करने से ग्रह दोष भी दूर होते हैं। सुख और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस दिन पीपल और तुलसी के पौधे की पूजन का विशेष महत्व है।
अमावस्या पर राशि के अनुसार करें पेड़ पौधों की पूजा
मेष — आंवले का पौधा
वृषभ — जामुन का पौधा
मिथुन — चंपा का पौधा
कर्क — पीपल का पौधा
सिंह — बरगद या अशोक का पौधा
कन्या — शिवजी का प्रिय बेल का पौधा, जूही का पौधा
तुला — अर्जुन या नागकेसर का पौधा
वृश्चिक — नीम का पौधा
धनु — कनेर का पौधा
मकर — शमी का पौधा
कुंभ — कदंब या आम का पौधा
मीन — बेर का पौधा
पवित्र नदी में स्नान का महत्व
ज्योतिषाचार्य लक्ष्मी राय ने बताया कि हरियाली व सोमवती अमावस्या के दिन शिव पूजा से पितृदोष, शनिदोष और कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। इस दिन पूर्वजों के निमित्त पिंडदान एवं दान-पुण्य के कार्य किए जाते हैं। हरियाली अमावस्या के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करके पितरों को पिंडदान, श्राद्ध कर्म करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है।
नाहरसिंह भौमियाजी महाराज के जन्मोत्सव
हरियाली अमावस्या पर सोमवार को घाट की गूणी स्थित नाहरसिंह भौमियाजी महाराज मंदिर में जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन नाहरसिंह बाबा का विशेष शृंगार कर मंदिर में फूल बंगला झांकी सजाई जाएगी। मंदिर में सुबह से देर रात तक मेले सा माहैाल रहेगा। इस दिन मंदिर में कई जगहों से पदयात्राएं भी आएगी।
Updated on:
16 Jul 2023, 11:49 AM IST
Published on:
16 Jul 2023, 11:49 AM IST
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