पांच साल तक के बच्चों निमोनिया से बचाने के सांस अभियान की शुरुआत विश्व निमोनिया दिवस से शुरू हुआ अभियान 28 फरवरी 2023 तक चलेगा
समय पर सही इलाज नहीं करवाने और बीमारी के लक्षणों को नहीं पहचाने जाने के कारण निमोनिया एक से पांच साल तक के बच्चों को लिए खतरा बना हुआ है।
5 साल तक की उम्र के छोटे बच्चों में निमोनिया और उससे होने वाली परेशानियों के चलते मृत्यु तकहो जाती है। इसको रोकने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से विश्व निमोनिया दिवस से सांस अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान प्रदेशभर में 28 फरवरी 2023 तक चलेगा।
अभियान के तहत नवजात, कुपोषित शिशु, बुजुर्ग, कमजोर इम्युनिटी वाले एचआईवी संक्रमित, अत्यधिक शराब व धूम्रपान करने वालों की पहचान की जाएगी। वहीं जो अधिक भीड में रहते हो,पहले से हार्ट, लीवर, किडनी आदि बीमारी से पीड़ित है उनकी पहचान की जाएगी। क्योकि ऐसे लोगों में निमोनिया का खतरा अधिक रहता है
। बीमारी की रोकथाम के लिए सभी जिलों में विभाग की ओर से अभियान शुरू किया गया हैं। अभियान की जिम्मेदारी बीसीएमओ व चिकित्सा अधिकारी प्रभारियों को दी गई है।
CMHO जयपुर प्रथम डॉ.विजय सिंह ने बताया कि निमोनिया फेफड़ों में होने वाला संक्रमण रोग है। इस बीमारी को फैलाने वाले बैक्टेरिया व वायरस सांस से शरीर में प्रवेश कर जाते है जिस कारण से यह रोग अधिक फैलता है।
संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने पर निमोनिया के वायरस स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में प्रवेश कर संक्रमण का कारण बनता है। निमोनिया विश्व में पुरूषों व बच्चों में मृत्यु का एक बडा संक्रामण कारण हैं।
बुखार के साथ तेज खांसी, सांस लेने में कठिनाई, बदन दर्द, खांसी के साथ छाती में दर्द, कभी कभी खांसी में खून आना निमोनिया के लक्षण है। पांच साल के बच्चों में ये लक्षण नजर आने पर तुरन्त चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। साथ ही छाती के एक्स रे, सीबीसी, छाती के सीटी स्कैन जैसे सामान्य व हर जगह उपलब्ध जांचों से भी निमोनिया का पता लगाया जा सकता हैं।
अभियान के तहत चिकित्सा संस्थानों में आने वाले सभी पांच साल तक की आयु के बच्चों की निमोनिया की स्क्रीनिंग की जाएगी। आशा व एएनएन को निमोनिया के लक्षण की पहचान के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
अभियान के तहत जिले में आईईसी गतिविधियां शुरू की गई है और आमजन को जागरूक किया जाएगा। साथ ही टीकाकरण को लेकर समझाइश और बच्चों को समय पर टीके लगाने के लिए परिजनों को प्रेरित किया जाएगा।