
इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा बोर्ड गठन का मामला मुख्यमंत्री के पास- शर्मा
जयपुर. चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने बुधवार को विधानसभा में बताया कि राजस्थान इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति बोर्ड के गठन का मामला मंत्रीमण्डलीय उप समिति के समक्ष रखे जाने के बाद अब मुख्यमंत्री के पास है।
शर्मा शून्यकाल में उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ की ओर से इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति के चिकित्सकों का पंजीयन नहीं होने के सम्बन्ध में रखे ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में सदन को यह जानकारी दी। चिकित्सा मंत्री ने लिखित जवाब में बताया कि राजस्थान इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा विधेयक 9 मार्च, 2018 को विधानसभा में पारित हुआ था।
11 अप्रेल, 2018 को राज्यपाल के अनुमोदन के बाद अधिसूचित हुआ। 5 अक्टूबर, 2018 को तत्कालीन मुख्यमंत्री ने बोर्ड गठन के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए। लेकिन 6 अक्टूबर को आचार संहिता लग गई। नई सरकार में यह मामला पिछली सरकार के 6 माह के निर्णयों की समीक्षा के दायरे में आ गया। इस पर राठौड़ ने सवाल उठाया कि पूरी दुनिया जिस इलेक्ट्रोपैथी को मान रही है, क्या सरकार उसे झोलाछाप डॉक्टरों की श्रेणी में लाना चाहती है। इस पर शर्मा ने पलटवार करते हुए कहा कि राठौड़ यह बता दें कि क्या भारत सरकार ने इसे माना है? इस बात पर सत्ता और विपक्ष के बीच काफी देर नोकझोक होती रही।
Published on:
04 Mar 2020 09:27 pm
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