
health news in hindi : सर्दी बढ़ने के साथ ( Seasonal diseases ) मौसमी बीमारियों का असर भी बड़ गया है । इन दिनों लोग ( nimoniya ) मौसमी बीमारियों की चपेट में हैं खासकर छोटे बच्चे । ( Jaipur news in hindi ) पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे सर्दी, खांसी, बुखार व उल्टी के साथ ही डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। सबसे अधिक खतरा निमोनिया जैसी बीमारी से देखने को मिल रहा है।
जेके लोन अस्पताल में दो सप्ताह में 17775 बच्चों की ओपीडी रही। नवजात से लेकर 12 वर्ष तक के बच्चे निमोनिया का शिकार हो रहे हैं। अस्पताल में 15 दिनों में 1612 बच्चों का निमोनिया का इलाज कि या गया। नवजात में तापमान की कमी के कारण भी क ई समस्याएं आ रही हैं जिसके लिए पीडि़त बच्चों को नेबुलाइजर तक लगाना पड़ रहा है अगर पिछले 15 दिनों में आए मरीजों की बात करें तो
15 दिन के ये हैं हालत
रेस्पीरेटरी इंफेक्शन -2664
डायरिया और उल्टी - 490
निमोनिया - 1612
सर्दी,जुकाम,बुखार -2400
अस्थमा - 2034
ब्रोनक्यूलाइटिस - 3200
ऐसे रखें ख्याल
-बच्चों को गरम खाना खिलाएं
-पानी उबालक र पिलाएं
-पूरे बांह के कपड़े पहनाए
-सिर ढक क र रखें
-दस्ताने और पैरों में मौजे पहनाएं
-प्रतिदिन गुनगुने पानी से नहलाएं
-गीले कपड़े से साफ करें
-नहलाने के तुरंत बाद बच्चे को खुली हवा में न लेकर जाएं
-रात में छाती पर गरम सरसों के तेल से मालिश करें
आपको बता दे इन दिनों मौसम ठंडा होता है तो अस्थमा के मरीजों को ज्यादा समस्या होती है। सांस की नली सिकुड़ जाती है। वायरल संक्रमण, प्रदूषण और तापमान इन तीनों की वजह से अस्थमा और रेस्पीरेटरी इंफेक्शन के मरीज बढ़ रहे हैं। दो सप्ताह में 2034 अस्थमा और रेस्पीरेटरी इंफेक् शन के 2664 केस अस्पताल में आए।
Published on:
25 Dec 2019 08:25 am
