
बस्सी विधानसभा क्षेत्र की सीट से दूसरी बार निर्दलीय विधायक चुनी गई अंजू खंगवाल का गांव दूबली आज भी चिकित्सा सुविधाओं को मोहताज है। इससे मरीजों एवं गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए तूंगा, बस्सी या जयपुर जाना पडता है। गांव के हाल ये है कि उप स्वास्थ्य केन्द्र तक नहीं है।
उपखण्ड क्षेत्र में बस्सी-तूंगा स्टेट हाईवे से सटा दूबली विधायक अंजू खंगवाल का पैतृक गांव है। करीब ढाई हजार की आबादी है एवं करीब 975 मतदाता है। वर्ष 2008 में अंजू के विधायक बनने के बाद स्थानीय लोगों की उम्मीदें जगी थी कि गांव का चहुंमुखी विकास होगा लेकिन वर्ष 2013 में दूसरी बार विधायक निर्वाचित हो गई,फिर भी गांव का विकास समग्र रूप से नहीं हो पाया। इस गांव का उपस्वास्थ्य गढ़ ग्राम पंचायत मुख्यालय पर है। चिकित्सा सुविधा नहीं मिलने के कारण यहां के बाशिंदों को बीमार होने पर तूंगा या बस्सी जाना पड़ता है। ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को होती है, जिन्हें टीकाकरण करवाने एवं अन्य चिकित्सीय जांच के लिए गढ़ जाना पड़ता है। ग्रामीणों की मानें तो यदि वहां भी एएनएम नहीं मिले तो तूंगा व बस्सी के चिकित्सालयों में ही जाना पड़ता है। हालांकि उप स्वास्थ्य केन्द्र गढ़ में कार्यरत एएनएम मिली मोल का कहना है कि वह प्रत्येक महीने के दूसरे गुरुवार को टीकाकरण के लिए दूबली गांव जाती हैं, लेकिन ग्रामीण इस व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं।
...ग्रामीणों ने बताई पीड़ा...
दूबली निवासी उद्दाराम गुर्जर का कहना है कि चिकित्सा सुविधा नहीं होने के कारण छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए करीब दो किलोमीटर तूंगा के राजकीय चिकित्सालय जाना पड़ता है। कजोड़ी देवी का कहना है कि गांव में स्वास्थ्य केन्द्र खुलना चाहिए, जिससे बस्सी व तूंगा जाने की दौड़-भाग कम हो सके। कमला देवी का कहना है कि बच्चों व गर्भवती महिलाओं के टीके लगवाने के लिए या तो गढ़ जाना पड़ता है या तूंगा। यदि यहीं पर उप स्वास्थ्य केन्द्र खुल जाए तो राहत मिल सकती है।
...क्या कहते हैं जिम्मेदार...
बस्सी बीसीएमओ डॉ. दिनेश मीना का कहना है कि दूबली में उप स्वास्थ्य केन्द्र नहीं है। यह गांव गढ़ पंंचायत मुख्यालय पर स्थित उप स्वास्थ्य केन्द्र के अधीन आता है। दूबली में गढ़ से एएनएम टीकाकरण व अन्य कार्यों के लिए जाती है।
...केन्द्र खुलवाने के प्रयास जारी...
वहीं विधाायक अंजू खंगवाल ने कहा कि दूबली गांव की दूरी तूंगा के राजकीय चिकित्सालय से मात्र डेढ़-दो किलोमीटर होने से सरकारी नियमों के चलते प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र नहीं खुला है, लेकिन ग्रामीणों की सुविधा के लिए उप स्वास्थ्य खुलवाने के प्रयास जारी हैं। उम्मीद है कि जल्द ही स्वास्थ्य केन्द्र खुल जाएगा और लोगों को चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
Published on:
22 Sept 2017 04:59 pm
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