
हृदय को तेजी से गिरफ्त में ले रहा कृत्रिम ट्रांस फैट
राजधानी के डॉक्टरों ने फिर कमाल दिखा एक बच्चे को जीवनदान दिया है। टोंक रोड स्थित जयपुर हार्ट इंस्टीट्यूट के हृदय रोग विशेषज्ञों ने बिना चीर फाड़ किए एमएफओ डिवाइस डालकर एक बच्चे के दिल के दो छिद्र बंद कर दिए। डॉक्टरों के अनुसार देश में यह अपनी तरह का दूसरा ऑपरेशन है। इंस्टीट्यूट के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिमन्यु उप्पल ने बताया कि बीकानेर से यश रैफर होकर यहां आया था। जांच में उसके दिल में दो छेद होने की पुष्टि हुई। एक एएसडी व दूसरा वीएसडी था। सामान्यतः ऐसे केस में ओपन हार्ट सर्जरी ही की जाती है। बच्चे के मामले में दूरबीन से सर्जरी की और छेद बंद किया गया।
सामान्य बच्चों की तरह जी सकेगा
जयपुर हार्ट इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. जीएल शर्मा ने बताया कि यश की सांस जल्दी फूल जाती थी। उसे भूख कम लगती थी। वजन भी 13 किलो ही था। निमोनिया के कारण वह कई बार अस्पताल में भर्ती हो चुका था लेकिन अब सामान्य बच्चों की तरह जिंदगी जी सकेगा।
ऐसे किया आपरेशन
17 एमएम और 3 एमएम की छतरीनुमा एमएफओ डिवाइस को बिना चीर.फाड़ किए पैरों के रास्ते से हार्ट में पहुंचाकर दोनों छिद्र एक साथ बंद किए गए। संभवतः प्रदेश में ऐसा पहली बार हुआ है। आमतौर पर बच्चों के दिल में एक ही छिद्र मिलता है। यह सर्जरी मुख्यमंत्री चिरंजीवी योजना के तहत मुफ्त की गई है।
Published on:
02 Jul 2023 11:05 am
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