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कोटा : मावठ की पहली बारिश में सड़के बनी दरिया, घरों में घुसा पानी

Rain In Kota : कोटा। कोटा में सोमवार को मावठ की एक घंटे हुई तेज बारिश से शहर के नाले उफान पर आ गए और सडक़ों पर पानी बह निकला। वहीं नए कोटा के महावीरनगर प्रथम में कई मकानों में बरसात का पानी घुस गया। मावठ की बारिश ने ही शहर की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी।

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Rain In Kota

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Rain In Kota : कोटा। कोटा में सोमवार को मावठ की एक घंटे हुई तेज बारिश से शहर के नाले उफान पर आ गए और सडक़ों पर पानी बह निकला। वहीं नए कोटा के महावीरनगर प्रथम में कई मकानों में बरसात का पानी घुस गया। मावठ की बारिश ने ही शहर की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी। नाले जाम होने से झालावाड़ रोड पर सिटी माल के सामने फ्लाईओवर के नीचे सडक़ पानी का दरिया बन गई। भामाशाहमंडी में भी खुले में रखी जिंस से भरी व्यापारियों की बोरिया भीग गई। गनिमत यह रही कि सोमवार को मंडी में अवकाश होने से खुले में कृषि जिंसों के ढेर नहीं लगे थे।

घरों में घुसा पानी
महावीर नगर प्रथम में मावठ की तेज बारिश से घरों में पानी घुस गया। स्थानीय निवासी साकेत बतरा ने बताया कि यहां एमपीबी-55 वाली लाइन में 7-8 माह पहले सीसी रोड बनाई गई। संवेदक ने गली में खुदाई नहीं कर डामरीकरण रोड पर ही सीसी रोड़ बना दी गई। इससे रोड मकानों से डेढ़ से दो फुट ऊंची हो गई। लोगों ने इसका विरोध किया और यूआईटी से लेकर स्थानीय विधायक तक शिकायत करने के बावजूद किसी ने नहीं सुना।

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मावठ की पहली बारिश से ही इस गली में मकानों में पानी गुस गया। झालावाड़ रोड पर नाले की तरह बहता रहा पानीसीटी माल के सामने फ्लाईओवर के नीचे राजीव गांधी नगर से आ रहे नाले की सफाई नहीं होने से ओवरफ्लो नाले का पूरा पानी सडक़ पर बह निकला। इसी तरह सीटी पार्क के पास फ्लाईओवर के नीचे लिंक रोड पर भी पानी भर गया।

मंडी खुली होती तो होता काफी नुकसान
भामाशाहमंडी में इन दिनों रोजाना 2.50 से 3 लाख बोरी कृषि जिंसों की आवक हो रही है। सोमवार को मंडी में अवकाश होने के दौरान केवल परिसर में जमा माल का उठाव हो रहा था। मंडी परिसर में कुले में रखी व्यापारियों की 20 से 25 हजार बोरी कृषि जिंस भीग गया। व्यापारियों ने बताया कि बोरियों में धान भरा हुआ था। बारिश से बोरी भीगने से धान को ज्यादा नुकसान नहीं होगा। उन्होंने बताया कि अगर निलामी कार्य चल रहा होता तो काफी नुकसान होता।