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जयपुर में सर्द रात में बेघरों को मिल रहा सहारा

सर्दी बढ़ने के साथ ही बेघर लोगों के लिए शहर में बने रैन बसेरे (Night Shelter) राहत लेकर आए है। शाम होते ही इन रैन बसेरों में लोग ठहरने के लिए आने लगते है। लोगों के रात बिताने के लिए रजाई—गद्दों के अलावा यहां भोजन और पानी की सुविधा भी मिल रही है। पहचान पत्र के माध्यम से लोगों को इन रैन बसेरों में प्रवेश दिया जा रहा है।

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जयपुर में सर्द रात में बेघरों को मिल रहा सहारा

जयपुर में सर्द रात में बेघरों को मिल रहा सहारा

जयपुर में सर्द रात में बेघरों को मिल रहा सहारा

सर्दी के साथ बेघरों का सहारा बने रैन बसेरे
— हैरिटेज नगर निगम ने बनाए 4 जगहों पर अस्थाई रैन बसेरे

जयपुर। सर्दी बढ़ने के साथ ही बेघर लोगों के लिए शहर में बने रैन बसेरे (Night Shelter) राहत लेकर आए है। शाम होते ही इन रैन बसेरों में लोग ठहरने के लिए आने लगते है। लोगों के रात बिताने के लिए रजाई—गद्दों के अलावा यहां भोजन और पानी की सुविधा भी मिल रही है। पहचान पत्र के माध्यम से लोगों को इन रैन बसेरों में प्रवेश दिया जा रहा है, अगर किसी के पास पहचान पत्र नहीं भी है तो नाम—पता व मोबाइल नंबर लिखकर रैन बसेरे में ठहरने की अनुमति दी जा रही है। रैन बसेरों में अग्निशमन यंत्र भी रखा हुआ है, वहीं फस्र्टएड किट की सुविधा भी है। हालांकि कोविड को लेकर कोई जांच नहीं की जा रही है। रैन बसेरों में मास्क रखवाए गए है, जो यहां आने वालों को दिए जा रहे है।


हेरिटेज नगर निगम की ओर से 4 जगहों पर अस्थाई रैन बसेरे बनाए है, वहीं 7 जगहों पर स्थाई रैन बसेरे संचालित किए जा रहे है। ट्रांसपोर्ट नगर पुलिया के नीचे, खासा कोठी पुलिया के नीचे, परमानन्द हॉल, सहकार मार्ग, सी-स्कीम और हसनपुरा पुलिया के नीचे अस्थायी रूप से रैन बसेरा संचालित किए जा रहे है। इनमें लोग ठहरने के लिए भी पहुंच रहे है। इन चारों रैन बसेरों में लोगों के रहने की क्षमता के अनुसार करीब ढाई सौ से अधिक रजाई व गद्दे रखवाए गए है। हालांकि अभी रैन बसेरों में 60 से 70 फीसदी ही लोग ठहरने आ रहे है। इनमें अधिकतर लोग आसपास के गांवों से आने वाले होते है। अस्थाई के साथ 7 जगहों पर स्थाई रैन बसेरे भी बना रखे है। रैन बसेरों में नगर निगम की ओर से पानी और मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर की ओर से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। रैन बसेरों में सेनेटाइज के लिए हैंड सेनेटाइज और मास्क भी उपलब्ध है। हालांकि रैन बसेरों में कुछ लोग बिना मास्क के ही नजर आ रहे है।

निर्देशोें की पालना नहीं तो कार्रवाई तय....
महापौर मुनेश गुर्जर का कहना है कि रैन बसेरों में रजाई—गद्दों के साथ भोजन पानी की व्यवस्था के लिए अधिकारियों को निर्देश दे रखे है। कोविड गाइडलाइन की पालना कराने के साथ रैन बसेरों की नियमित मॉनिटरिंग के भी निर्देश दे रखे है। अगर कोविड गाइडलाइन की पालना नहीं पाई गई तो अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।

इन व्यवस्थाओं के निर्देश....
नगर निगम प्रशासन की ओर से रैन बसेरों में पानी, बिजली, मास्क, सेनेटाईजर, भोजन, सर्दी से बचने के लिए कपड़े, दवाईयां किट, साफ सफाई आदि की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिये हैं।

किस रैन बसेेरे की कितनी क्षमता
अस्थाई रैन बसेरा — लोगों की क्षमता
ट्रांसपोर्ट नगर पुलिया के नीचे — 80
खासा कोठी पुलिया के नीचे — 80
परमानन्द हॉल, सहकार मार्ग, सी-स्कीम — 50
हसनपुरा पुलिया के नीचे रैन बसेरा — 50