
सरकार ने मुनेश को दी राहत, निलंबन लिया वापस
जयपुर। हैरिटेज नगर निगम महापौर के क थित भ्रष्टाचार के मामले में जयपुर शहर की सियासत में रोजाना नया ड्रामा सामने आ रहा है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री व सिविल लाइंस विधायक प्रताप सिंह खाचरियावास के महापौर के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोलने के बीच स्वायत्त शासन विभाग ने शुक्रवार को 26 दिन बाद अपने ही फैसले को पलटकर महापौर मुनेश गुर्जर का निलंबन वापस ले लिया। इसके पीछे जलदाय मंत्री महेश जोशी और शहर अध्यक्ष आर.आर तिवाड़ी की भूमिका मानी जा रही है।
पट्टे के बदले पैसे लेने के आरोप में महापौर पति सुशील गुर्जर और दो दलाल की गिरफ्तारी के बाद पांच अगस्त को महापौर को सरकार ने निलंबित कर दिया था। कोर्ट से राहत मिलने के बाद मुनेश ने 23 अगस्त को फिर से महापौर की कुर्सी संभाली। उसी दिन महापौर को डीएलबी ने दो नोटिस भी जारी किए थे।
सीएम तक पहुंचा मामला
महापौर मुनेश गुर्जर ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलने का समय मांगा। लेकिन उनकी मुलाकात नहीं हुई। माना जा रहा है कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष आर.आर.तिवाड़ी ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सियासी घटनाक्रम की जानकारी दी।
डीएलबी ने किया कोर्ट आदेश का जिक्र
स्वायत्त शासन विभाग ने जो आदेश जारी किया है, उसमें लिखा कि हाईकोर्ट ने 23 अगस्त को महापौर के निलंबन पर रोक लगा दी। स्टे होने के कारण राज्य सरकार निलंबन आदेश को वापस लेती है।
विवाद से बचने के लिए लिया फैसला !
माना जा रहा है कि राज्य सरकार ने विवाद से बचने और गुर्जर समाज को साधने के लिए भी यह फैसला लिया है। क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले महापौर को हटाते तो गलत संदेश जाता। सियासी नफा-नुकसान को देखते हुए महापौर और उप महापौर को यथावत रखने का निर्णय लिया गया।
Published on:
02 Sept 2023 11:58 am
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