
हैरिटेज निगम भी चला ग्रेटर की चाल, मुनेश के निलंबन के बाद अब कार्यवाहक मेयर की तैयारी
जयपुर। सरकार ने शहर के विकास के लिए दो नगर निगम बनाए, लेकिन पिछले तीन साल में दोनों निगमों में राजनीति हावी रही है, विकास के बजाए 'अपना' मेयर का वर्चस्व हावी रहा। अब हैरिटेज नगर निगम भी मेयर को लेकर जयपुर ग्रेटर नगर निगम की चाल पर चल पड़ा। उधर, हैरिटेज निगम मेयर मुनेश गुर्जर के निलंबन के बाद कार्यवाहक मेयर के लिए दौड़ शुरू हो गई है। इसमें दो पार्षदों का नाम सबसे आगे है, चर्चा है कि जल्द ही हैरिटेज निगम को कार्यवाहक मेयर मिल सकता है।
जानकारों की मानें तो न्यायिक जांच पूरी होने से पहले मेयर का चुनाव संभव नहीं है, ऐसे में अभी हैरिटेज निगम को कार्यवाहक मेयर मिल सकता है। हैरिटेज निगम में कार्यवाहक मेयर की दौड़ में सबसे आगे किशनपोल विधानसभा क्षेत्र से वार्ड 64 की पार्षद नसरीन बानो और आदर्श नगर जोन क्षेत्र से वार्ड 79 की निर्दलीय पार्षद राबिया गुडएज का नाम सबसे आगे चल रहा है।
पार्षद नसरीन बानो का राजनीति कैरियर व शिक्षा
साल 2014 से नसरीन बानो राजनीति में सक्रिय है। नसरीन पहली बार पार्षद बनी है। नसरीन का परिवार भी राजनीति से जुड़ा रहा, इनके दादा ससुर मास्टर मोइनुद्दीन साल 1973 में चुंगी चेयरमैन रहे, इनकी बुआ अनिसा बानो पार्षद रह चुकी है। पार्षद नसरीन बानो ने महारानी कॉलेज से स्नातक तक पढ़ाई की है।
पार्षद राबिया गुडएज का राजनीति कैरियर व शिक्षा
साल 1994 में राबिया गुडएज पहली बार निर्वाचित पार्षद बनी। इसके बाद वे साल 1999 में दूसरी बार पार्षद बनी। राबिया महिला कांग्रेस में उपाध्यक्ष भी रही। इस बार निर्दलीय चुनाव लड़ा और वार्ड 79 से पार्षद चुनी गई। इनके दादा ससुर अब्दुल रज्जाक और चाचा ससुर सइद गुडएज राजनीति में सक्रिय रहे। पार्षद राबिया गुडएज ने राजस्थान विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर तक पढ़ाई की है।
37 पार्षदों का विरोध जारी
जयपुर में पहली बार हैरिटेज निगम में कांग्रेस का बोर्ड बना, कांग्रेस के पार्षदों ने मुनेश को मेयर चुना, लेकिन पिछले तीन साल में ही करीब 37 पार्षद मुनेश गुर्जर की खिलाफत में उतर आए। इन पार्षदों ने मुनेश के खिलाफ सीएम अशोक गहलोत के साथ पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा तक को शिकायत कर चुके है। सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र के साथ हवामहल और आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेसी पार्षद खुले में मुनेश गुर्जर के खिलाफ उतर चुके है। जबकि हवामहल और आमेर विधानसभा क्षेत्र के पार्षदों मुनेश के साथ नजर आ रहे है।
यूं चला घटनाक्रम
गत 4 अगस्त को एसीबी ने मुनेश के घर से 40 लाख रुपए बरामद किए, पति सुशील गुर्जर को गिरफ्तार किया।
5 अगस्त को स्वायत्त शासन विभाग ने मुनेश गुर्जर को मेयर और पार्षद पद से निलंबित किया।
23 अगस्त को हाईकोर्ट ने स्वायत्त शासन विभाग के मेयर के निलम्बन के फैसले पर रोक लगाई।
24 अगस्त को मुनेश गुर्जर ने फिर से मेयर की कुर्सी संभाली।
01 सितंबर को स्वायत्त शासन विभाग ने एक आदेश जारी कर मुनेश गुर्जर को बहाल किया।
22 सितंबर को स्वायत्त शासन विभाग ने फिर से आदेश जारी कर मुनेश गुर्जर को निलंबित किया।
मुनेश गुर्जर ने की कोर्ट जाने की तैयारी
निलंबन के बाद मुनेश गुर्जर ने कोर्ट का जाने की तैयारी कर ली है।
Published on:
24 Sept 2023 10:19 am
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