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वे भारतीय जनरल जो पाकिस्तानी जनरल की आंखों में आंसू लाए

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के नायक रहे लेफ्टिनेंट General Jagjit Singh Aurora को उनकी जयंती पर याद किया।

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Jagjit Singh Aurora

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के नायक रहे लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा को उनकी जयंती पर याद किया। गहलोत ने उनको श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि जगजीत सिंह अरोड़ा ने भारत की ऐतिहासिक जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। देश के लिए उनकी बहादुरी, नेतृत्व और सेवा को हमेशा याद किया जाएगा।

आज भी याद करते हैं देश के लोग
13 फरवरी 1916 को झेलम जिले (वर्तमान पाकिस्तान) की काला गुजरान जिले में लेफ्टिनेंट General Jagjit Singh Aurora का जन्‍म हुआ था। मई 2005 में उनका निधन हो गया, लेकिन आज भी देश के लोग उन्‍हें याद करते हैं और यही कहते हैं, 'वह बांग्‍लादेश वाले अरोड़ा।'

देश के युवाओं के आदर्श
जनरल अरोड़ा आज भी कई युवाओं के आदर्श हैं। 1971 की लड़ाई में मिली जीत के बाद भी उन्‍हें उस समय की इंदिरा गांधी सरकार से नजरअंदाजगी झेलनी पड़ी थी। इसके बाद भी उन्‍होंने कभी न तो सेना और न ही कभी अपने देश से मुंह मोड़ा। हमेशा युवाओं को सेना में जाने और देश सेवा के लिए प्रेरित करते रहते और आखिरी दम तक लोगों के हीरो रहे।

पाक सेना ने सरेंडर कर दिया था
71 की लड़ाई में भारतीय जांबाज सैनिकों के सामने पाक सेना ने सरेंडर कर दिया था। हालांकि, इस पूरे अभियान में कई भारतीय जवान शहीद हुए और हजारों घायल हुए, लेकिन जिस तरह से पाकिस्तानी लेफ्टिनेंट जनरल एके नियाजी ने 93000 सैनिकों के साथ भारतीय सेना के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के सामने सरेंडर किया था। सरेंडर करते समय नियाजी की आखों में आंसू भर आए थे। इस घटना से हर भारतीय का सिर गर्व से उठ जाता है। ये वही युद्ध था जिससे बांग्लादेश का जन्म हुआ।