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हेस्टर बायोसाइंसेज का मुनाफा 11 फीसदी बढ़ा

34.57 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा

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jaipur

हेस्टर बायोसाइंसेज मुनाफा 11 फीसदी बढ़ा

अहमदाबाद. एनिमल हेल्थकेयर सेक्टर की शीर्ष कंपनियों में शामिल हेस्टर बायोसाइंसेज के दिसम्बर, 2021 को पूरे होते नौ महिने के लिए 34.57 करोड़ रुपए का शुद्ध मुनाफा दर्ज किया है जो पिछले वित्त वर्ष के समान अवधि के 31.04 करोड़ के मुनाफे से 11 फीसदी अधिक है। कंपनी की कामकाज से आय 169.10 करोड़ रुपए रही, जो पिछले वित्त वर्ष के समान अवधि में 145.32 करोड़ थी। निर्यात में वित्त वर्ष 2022 के तीसरी तिमाही में 88 फीसदी और पहले नौ महीने में 14 फीसदी बढ़ोतरी हुई है। कंपनी ने गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर (जीबीआरसी), गुजरात सरकार के साथ, कोवेक्सिन के लिए ड्रग सबस्टेंस के निर्माण के लिए भारत बायोटेक के साथ एक लाइसेंसिंग समझौता किया है।

कंपनी वर्तमान में कोवेक्सिन के लिए ड्रग सब्सटेंस के निर्माण के लिए उपयुक्त बीएसएल-3 सुविधा का निर्माण कर रही है। यह सुविधा का निर्माण वित्त वर्ष 2022 के चौथी तिमाही तक पूरा होने जा रहा है। भारत बायोटेक के लिए प्रति माह 70 लाख डोज के बराबर ड्रग सब्सटेंस के निर्माण की समयसीमा के अनुसार यह परियोजना अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। इस परियोजना के चालू होने के साथ, बिक्री पर प्रभाव 100त्न से अधिक की वृद्धि तक हो सकता है।

हेस्टर साउथ अफ्रिका स्थित उत्पादन सुविधा ने पीपीआर और सीबीपीपी के लिए वैक्सिन का उत्पादन शुरु कर दिया है। यह प्रोजेक्ट से हेस्टर अफ्रीका में अग्रणी कंपनी बनेगी। यह हेस्टर के बिक्री और मुनाफे में अच्छा योगदान देने के उपरांत अफ्रीकन महाद्विप में और टान्जानिया की आर्थिक एवं सामाजिक विकास में महत्वपूर्ण प्रदान करेगा। क्लासिकल स्वाइन फिवर (सीएसएफ), लम्पी स्कीन डिसेज (एलएसडी) और शीप पोक्स के लिए वैक्सिन बनाने का काम टाइमलाईन के हिसाब से हो रहा है और इसका व्यवसायिक उत्पादन वित्त वर्ष 2023 के पहली तिमाही तक शुरु होने की उम्मीद है।