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Latest update reet 2021: हाईकोर्ट ने सरकार से पूछा, क्यों न रीट मामले की सीबीआइ जांच करवाई जाए

पेपर लीक मामले में एबीवीपी ने दायर की याचिका, अब शुक्रवार को सुनवाई

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Pravah on REET Paper Leak Case

Pravah on REET Paper Leak Case

जयपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (रीट)-2021 का पेपर लीक होने की सीबीआई जांच की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की है, जिस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से अपना पक्ष रखने को कहा मांगा है। कोर्ट ने सरकार के जवाब के लिए याचिका की प्रति अतिरिक्त महाधिवक्ता को दिलाते हुए सुनवाई शुक्रवार तक टाल दी है।मुख्य न्यायाधीश अकील कुरैशी और न्यायाधीश सुदेश बंसल की खंडपीठ ने सोमवार को इस जनहित याचिका पर सुनवाई की। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से अधिवक्ता भुवनेश शर्मा ने कहा कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर अनियमितता व भ्रष्टाचार हुआ है। इससे परीक्षार्थियों के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। इस मामले में पुलिसकर्मी सहित विभिन्न स्तर के सरकारी कर्मचारियों और उच्च पदस्थ लोगों की भूमिका सामने आई है। ऐसे में निष्पक्ष जांच के लिए मामले की जांच एसओजी के बजाय सीबीआई से करवाई जाए और पूरी रीट को रद्द किया जाए।

प्रथल लेवल रद्द क्यों नहीं
सरकार के प्रथम लेवल की भर्ती को आगे बढ़ाने के साथ बेरोजगारों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। बेरोजगारों का कहना है कि जब दोनों लेवल के प्रश्न पत्र शिक्षा संकुल में रखे गए थे। ऐसे में यह कैसे हो सकता है उन लोगों ने सिर्फ द्वितीय लेवल के ही प्रश्न पत्र चोरी किए हो।

अब तक 39 गिरफ्तार
स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने रीट पेपर लीक मामले में एक ग्राम सेवक को रविवार रात को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही रीट मामले में अब तक 39 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसओजी सूत्रों के मुताबिक, भीनमाल पंचायत समिति के खानपुर ग्राम सेवक नरेन्द्र को गिरफ्तार किया है। जालोर के कूका निवासी नरेन्द्र का आपराधिक रिकॉर्ड भी है और उसने रीट परीक्षा से पहले बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को लीक किया हुआ पेपर उपलब्ध करवाया था।