20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Rajasthan LDC Recruitment 2013: हाईकोर्ट ने आखिर सुना ही दिया सुरक्षित रखा फैसला, नियुक्तियों को लेकर रास्ता साफ़

Rajasthan LDC Recruitment 2013: हाईकोर्ट आदेश के बाद रास्ता हुआ साफ, खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश को किया रद्द, पीले रंग को माना सही जवाब

2 min read
Google source verification
Rajasthan LDC Recruitment 2013

जयपुर।

राजस्थान में LDC Recruitment 2013 का रास्ता अब पूरी तरह से साफ हो गया है। राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने विवादित प्रश्नों से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए एकलपीठ के आदेश को रद्द कर दिया है। दरअसल, ये इस मामले पर सुनवाई इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही थी क्योंकि ये एलडीसी की सात हज़ार पदों पर नियुक्तिओं से जुड़ा हुआ था।


जानकारी के मुताबिक़ याचिकाकर्ता ने अपील में एकलपीठ के 9 अक्टूबर के फैसले को चुनौती दी थी। एकलपीठ ने RPSC को फेज प्रथम की लिखित परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी करने के निर्देश दिए थे। विवाद आरपीएससी परीक्षा में इंद्रधनुष के रंग से संबंधित एक प्रश्न के संबंध में था। इसे लेकर सब्जेक्ट एक्सपर्ट डाॅ.नागावत से भी सलाह मश्वरह लिया गया। डॉ. नागावत की रिपोर्ट को भी कोर्ट के समक्ष रखा गया। एकलपीठ एक्सपर्ट कमेटी से संतुष्ट नहीं हुई और प्रार्थियों द्वारा दिए गए उत्तर को ही सही माना। इसके बाद फेज प्रथम की परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी करने के निर्देश दिए गए। एकलपीठ के इस आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी गई। अब खंडपीठ ने विवादित सवाल के जवाब को पीले रंग ही सही माना है।


खंडपीठ ने फैसला रखा था सुरक्षित
एलडीसी भर्ती-2०13 की लिखित परीक्षा में रंग के संबंध में पूछे गए प्रश्न के विवादित उत्तर के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग और इन्दरजीतसिंह की खंडपीठ ने दोनों पक्षों की बहस सुनकर फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस संबंध में एकलपीठ के आदेश के खिलाफ आरपीएससी ने डीबी में अपील दायर कर रखी थी।

भर्ती परीक्षा में आरपीएससी ने प्रश्न पूछा था कि प्रिज्म आपतित सफेद प्रकाश को सात रंगों की एक पट्टी में विभक्त करता है। इस पट्टी के बीच का रंग कौनसा है। प्रश्न का उत्तर हरा बताते हुए कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। जबकि आरपीएससी ने इसका रंग पीला बताया था। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने भी इसे हरा मानते हुए आयोग को संशोधित परिणाम जारी करने को कहा था। आदेश को खंडपीठ में चुनौती दी गई।