30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

वेटलैंड पर अतिक्रमण व अवैध तरीके से नमक दोहन मामले में हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

- जांच रिपोर्ट नहीं आने पर पर्यावरण मंत्रालय के निदेशक व जलवायु परिवर्तन प्रवर्तन अधिकारी तलब

less than 1 minute read
Google source verification

जयपुर

image

GAURAV JAIN

Dec 16, 2023

वेटलैंड पर अतिक्रमण व अवैध तरीके से नमक दोहन मामले में हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

वेटलैंड पर अतिक्रमण व अवैध तरीके से नमक दोहन मामले में हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी

राजस्थान हाईकोर्ट ने सांभर झील के वेटलैंड पर अतिक्रमण और अवैध तरीके से नमक दोहन के मामले में जांच रिपोर्ट पेश नहीं होने पर नाराजगी जताई है। साथ ही, अदालती आदेश की पालना नहीं होने पर स्पष्टीकरण देने के लिए पर्यावरण मंत्रालय के निदेशक व राज्य के जलवायु परिवर्तन प्रवर्तन अधिकारी को बीस दिसंबर को बुलाया है।
न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायाधीश आशुतोष कुमार की खंडपीठ ने स्वप्रेरणा से दर्ज याचिका व हिंदुस्तान साल्ट लि. की याचिका पर यह आदेश दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि अदालती आदेश के बावजूद इस मामले में गठित कमेटी के सदस्यों ने रिपोर्ट पेश क्यों नहीं की, इस पर सरकारी पक्ष ने जवाब दिया कि कमेटी की मीटिंग हाल ही हुई है, जिसकी रिपोर्ट पेश कर दी जाएगी। न्यायमित्र वरिष्ठ अधिवक्ता आरबी माथुर ने कहा कि अदालत ने 2 अगस्त 2023 को वेटलैंड एरिया में अतिक्रमण के मामले में सीएस को हाई लेवल कमेटी से जांच कराने का निर्देश दिया था। इस कमेटी को हिन्दुस्तान साल्ट की आपत्तियों को सुनकर अपनी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करनी थी। इस पर सरकारी पक्ष ने कमेटी की रिपोर्ट के लिए समय मांगा था। इसके बाद पुन: छह सदस्यों की कमेटी बनाकर रिपोर्ट के लिए छह सप्ताह का समय मांगा, लेकिन अब कहा जा रहा है कि मीटिंग कर ली है और रिपोर्ट दे देंगे। स्थिति यह है कि हिन्दुस्तान साल्ट व न्यायमित्र को इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं दी गई है।
कोर्ट ने सुनवाई के बाद नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अदालती आदेश की पालना नहीं होना गंभीर है, इस मामले में जवाब देने के लिए पर्यावरण मंत्रालय के निदेशक और राज्य के जलवायु परिवर्तन प्रवर्तन अधिकारी 20 दिसंबर को हाजिर हों।

Story Loader