राजस्थान उच्च न्यायालय के वरिष्ठ न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास व न्यायाधीश अनुपेन्द्रसिंह ग्रेवाल की खण्डपीठ ने शहर के करणी नगर क्षेत्र के रहवासी क्षेत्र में मोबाइल टॉवर लगाने पर अंतरिम रोक लगाते हुए जिला प्रशासन सहित सम्बन्धित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
क्षेत्र के महेश सिंह सहित पांच नागरिकों ने जनहित याचिका दायर कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर कहा कि उन्होंने यह याचिका क्षेत्र के नागरिकों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए दायर की है। उनका कहना था कि वे किसी भी मोबाइल कम्पनी के कर्मचारी नहीं हैं और न ही उनका किसी प्रकार का सम्बन्ध है। उन्होंने खण्डपीठ से अनुरोध किया कि रहवासी क्षेत्र में जिला प्रशासन ने बिना क्षेत्र के नागरिकों की आपत्तियों व स्वास्थ्य को ध्यान में रखे मोबाइल टॉवर की अनुमति दी है, जिसे जनहित में रोका जाए। उनका कहना था कि मोबाइल टॉवर रहवासी क्षेत्र में लगाया जाना अनुचित है और उनसे निकलने वाली तरंगें नागरिकों के जीवन के लिए घातक होगी।
याचिका पर प्रारम्भिक सुनवाई कर खण्डपीठ ने करणी नगर के खसरा नम्बर 71 में मोबाइल टॉवर के निर्माण व इंस्टॉल करने पर अंतरिम रोक लगाते हुए 27 अप्रेल तक सम्बन्धित पक्षों से जवाब तलब किया है।