जयपुर. खुद को स्टाइलिश और फैशनेबल दिखाने के लिए युवतियां और महिलाएं कॉलेज और ऑफिस में भी हाई हील्स पहनना पसंद कर रही हैं। पहले छोटे कद वाली लड़कियां ही हील्स का इस्तेमाल करती थीं, लेकिन अब यह कद से नहीं केवल फैशन से जुड़कर रह गया है। कुछ महिलाएं हाई हील्स को 10 घंटे तक लगातार पहनती हैं। लेकिन वे यह भूल जाती हैं कि हील्स हड्डियों को कितना नुकसान पहुंचा सकती हैं। हाई हील्स असंतुलन, खराब मुद्रा, दर्द और नई तरह की पैर की समस्याओं का कारण बन सकती हैं।
लगातार हील्स पहनने से महिलाओं के पैरों का पॉश्चर बिगड़ रहा है। इससे कम उम्र में ही महिलाओं को जोड़ से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हे थैरेपी और सर्जरी तक करवानी पड़ रही है। महिला अलग प्रकार के हील्स का इस्तेमाल करती हैं जैसे स्लिंग-बैक, स्टिलेट्टो, पंप, किटेन, कोन और बूट।
केस
1. ब्रह्मपुरी निवासी शिखा शर्मा एक वर्ष तक रोजाना हाई हील्स पहनकर ऑफिस जाती रही। शुरुआत में पैर में दर्द होता था, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया। थोड़े समय बाद कमर में भी दर्द शुरू हो गया। इस कारण कोई भी काम कर पाना मुश्किल हो गया। हील्स पहनने से एंकल स्ट्रेन बार-बार होने लगा। डॉक्टर ने उन्हें फ्लैट जूते पहनने की सलाह दी और कमर दर्द के लिए 2 हफ्ते का बेड रेस्ट बताया।
2. राजापार्क निवासी रुद्राक्षी जैन को हील्स पहनने का शौक था। कॉलेज के समय से ही वह हाई हील्स पहनती थी। उसके पास हील्स का अच्छा कलेक्शन था। रोज हील्स पहनने से उसके दोनों पैरों के अंगूठे बाहर आने लगे। पैरों और घुटने में हमेशा दर्द रहने लगा। डॉक्टर ने बताया कि हील्स ज्यादा देर तक पहनने से हैमर टो की समस्या बढ़ गई है। इस कारण सर्जरी करवाने की सलाह दी गई।
क्या कहते है डॉक्टर
हाई हील्स पहनने से महिलाओं में कई समस्याएं देखने को मिल रही हैं। राजधानी में 27 से 35 वर्ष के बीच ऐसी कई महिलाएं हैं, जिन्हें कम उम्र में ही कमर दर्द, जोड़ों का दर्द, एंकल स्प्रेन, हैमरटोज, क्लॉटेज, और स्पाइनल कर्व में दिक्कत हो जाती है। हाई हील्स को खास अवसर पर ही इस्तेमाल करना चाहिए। आम दिनों में शूज, लोफर्स या फिर सैंडल का इस्तेमाल करना ठीक है।
राजीव गुप्ता, हड्डी रोग विशेषज्ञ