कोर्ट परिसर में कलक्ट्रेट के गेट पर शुक्रवार सुबह एक ठेकेदार ने खुद, अपने चार बच्चों व पत्नी पर केरोसिन छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया।
इसी बीच मौके पर पहुंचे एक वकील ने उसके हाथ से माचिस व केरोसीन की बोतल छीनकर फेंक दी। बाद में आसपास के लोगों ने पूरे परिवार को पुलिस को सौंप दिया। बाद में पुलिस ने ठेकेदार व एक अन्य व्यक्ति को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
मालाखेड़ा के बढ़ेर हाल नई कॉलोनी भूगोर निवासी सीताराम पुत्र मदन लाल जाटव शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे अपनी पत्नी सीमा, बच्चे ममता, प्रतीक्षा, ललित व मुखर्जी के साथ कोर्ट परिसर में पहुंचा। कलक्ट्रेट गेट पर उसने एक बोतल से बच्चों व खुद पर मिट्टी का तेल डालना शुरू कर दिया।
पास ही एक कमरे में मौजूद लोक अभियोजक कुलदीप कुमार जैन ने देखा तो वह दौड़कर उनके पास पहुंचे। सीताराम माचिस जला रहा था।
कुलदीप जैन सीताराम के हाथ से माचिस छीनकर फेंक दी। इस बीच वहां अन्य लोग भी पहुंच गए। सभी ने मिलकर सीताराम व उसके परिवार को एसपी कार्यालय में ले जाकर पुलिस के हवाले कर दिया।
वहां सीताराम ने पुलिस को बताया कि भूगोर बाइपास निवासी ओमी खाती से उसने लकड़ी के गेट व अन्य फर्नीचर बनवाया। शुरुआत में ओमी ने 10 हजार रुपए खर्च बताया, लेकिन बाद में उसने 13 हजार रुपए का खर्चा बता दिया। सीताराम का आरोप है कि वह 10 हजार रुपए दे चुका है।
9 दिसम्बर की रात को वह बचा हुआ सामान लेने के लिए ओमी के घर पहुंचा। वहां मौजूद ओमी, पुलिसकर्मी हरिकिशन मीणा व उसके उसके भाई मुकेश ने उसके साथ मारपीट की। ओमी हरिकिशन के घर में किराए पर रहता है।
सीताराम का आरोप है कि उसे एक फिटनेस सेंटर में आए युवाओं से भी पिटवाया। इससे परेशान होकर उसने परिवार सहित आत्मदाह का फैसला लिया। पुलिस ने सीताराम व ओमी को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।
कहानी झूठी-पुलिस
सदर थाना प्रभारी कैलाश चौधरी ने बताया कि सीताराम झूठ बोल रहा है। वह ओमी पर दबाव बनाने के लिए आत्मदाह करने के लिए आया था।
जबकि कुछ दिन पहले वह दो लड़कों को लेकर ओमी के घर गया था। उस समय ओमी घर पर नहीं था। वहां झगड़ा करने पर मकान मालिक ने बीच बचाव किया था। इस बात को लेकर दोनों में विवाद चल रहा है।