
हनीट्रैप की साजिश में फंसने से डर रहे नेता, इसलिए हैं टेंशन में
- मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक
जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंत्रियों को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में जन सुनवाई शुरू करने और प्रभार वाले जिलों में हर महीने दो दिन रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने मंत्रियों को प्रभार जिलों से संबंधित सभी विधायकों के भी संपर्क में रहने को कहा है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को उनके निवास पर मंत्रिमंडल एवं मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। सूत्रों ने बताया कि बैठक में पहुंचे मंत्रियों की आपसी चर्चा में रीट मामला और रामलाल जाट को हनीट्रैप में फंसाने की साजिश का मामला प्रमुख रहे। हालांकि मुख्यमंत्री के सामने इस पर किसी ने चर्चा नहीं की। बैठक के बाद इन दोनों मुद्दों पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि कैबिनेट में हनीट्रैप मामले को लेकर कोई ऑफिशियल चर्चा नहीं हुई, लेकिन अनोपचारिक बातचीत में मंत्रियों ने इस तरह की साजिश पर चिंता जाहिर की। रीट को लेकर खुद सरकार कार्रवाई कर रही है और मुख्यमंत्री एसओजी को फ्री हैंड देने का बयान दे चुके हैं।
इनपर भी हुई चर्चा
बैठक के दौरान मंत्रिमंडल ने बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया। बैठक में गहलोत ने मंत्रियों को सप्ताह के शुरू के तीन-चार दिन जयपुर में ही रहने को भी कहा। उन्होंने कहा कि मंत्री प्रभार वाले जिलों में जाकर हर विधानसभा में चिरंजीवी, उड़ान, निःशुल्क दवा एवं जांच योजना सहित सभी सरकारी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट लें। वहां अधिकारियों की बैठक लें और जन सुनवाई भी करें। जन सुनवाई में मौके पर ही जनता को राहत देने का प्रयास करें।
श्रीगंगानगर मेडिकल कॉलेज के लिए बैंक गारंटी जब्त नहीं
बैठक में कल्याणकारी गतिविधियों के लिए विभिन्न समाजों को निःशुल्क रियायती दर पर भूमि आवंटन का अनुमोदन किया गया। श्रीगंगानगर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए जमा कराई गई बैंक गारंटी राशि 21.5 करोड़ रुपए को जब्त नहीं करने और बैंक गारंटी से मुक्त रखने को मंजूरी दी गई। कन्या छात्रावास के लिए जटिया समाज को जोधपुर में 5 प्रतिशत की रियायती दर पर पूर्व में किए गए भूमि आवंटन के आदेश को यथावत रखने का निर्णय किया। जट्ट पट्टी प्रजापत समाज, बालोतरा को सामुदायिक भवन निर्माण के लिए खसरा नम्बर 609 की भूमि में कुल 1341.08 वर्ग गज भूमि तत्कालीन प्रचलित आरक्षित दर की 50 प्रतिशत दर पर किए जाने के स्वीकृति आदेश के स्थान पर निःशुल्क आवंटन को स्वीकृति दी। साथ ही, मंत्रिमण्डल ने ग्राम सेवारामपुरा, जिला टोंक के आराजी खसरा नम्बर 38, 39 व 41 की 6 बीघा 7 बिस्वा भूमि को अवाप्ति से मुक्त करने का भी अनुमोदन किया।
Published on:
03 Feb 2022 01:26 pm
