मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने राजस्थान एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स तथा होटल एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
सुरेंद्र बगवाड़ा , जयपुर
कोरोनाकाल में पर्यटन सेक्टर पर छाए काले बादलों को हटाने के लिए राज्य सरकार अब गंभीर हो रही है। महामारी से इंडस्ट्री ( Tourism and hotel industry ) पर आए संकट के समाधान के लिए मुख्य सचिव स्तर पर बैठक हो रही है। मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने शनिवार को राजस्थान एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स तथा होटल एसोसिएशन ऑफ राजस्थान के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। इसमें मुख्य सचिव ( Niranjan Kumar Arya ) ने कहा कि टूर ऑपरेटर्स और होटल उद्यमियों को कोरोना के कारण वित्तीय हालातों का सामना करना पड़ा है। इन्हें राहत देने के लिए जल्द ही फैसले लिए जाएंगे।
करों में रियायत की मांग
बैठक में टूर ऑपरेटर्स तथा होटल एसोसिएशन ने भी अपनी मांगें रखी। उन्होंने कोरोना काल में बिजनेस नहीं होने के बावजूद विभिन्न तरह के करों को चुकाने में असमर्थता बताई। इनमें रियायत की मांग भी की। इसके साथ ही हैरिटेज होटलों के एक भाग को स्वतंत्र रूप से रेस्टोरेंट के रूप में संचालित करने पर हैरिटेज प्रमाणपत्र देने और हैरिटेज होटल पॉलिसी की तहत ही बार लाइसेंस देने के लिए भी मांग की।
नई आबकारी नीति में होगा विचार
मुख्य सचिव आर्य ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार नई आबकारी नीति तैयार कर रही है। इसमें मांगों को शामिल करने पर विचार किया जाएगा। प्रदेश में माइक टूरिज्म (मीटिंग, इनसेन्टिव्स, कॉन्फ्रेंसिंग और एग्जीबिशन) को प्रमोट करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे है। सीएस ने टूरिज्म बोर्ड बनाने की मांग पर मुख्यमंत्री से चर्चा का आश्वासन दिया।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
पर्यटन की स्थिति में सुधार के लिए हुई अहम बैठक में पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव आलोक गुप्ता, निदेशक निशांत जैन, अतिरिक्त प्रमुख सचिव गृह विभाग अभय कुमार, प्रमुख सचिव वित्त अखिल अरोड़ा, प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन विभाग भास्कर सावंत एवं अन्य अधिकारियों ने वीसी के जरिए बैठक में हिस्सा लिया।