श्मशान घाट की जमीन पर दुकानें बनाएगा हाउसिंग बोर्ड, लेकिन खरीदेगा कौन

जहां 50 साल से श्मशान, वहां हाउसिंग बना रहा दुकान बनाने की प्लानिंग कुछ दिन पहले हाउसिंग बोर्ड ने लिखी सूचना, बढेंग़ी लोगों की मुसीबतें

By: abdul bari

Published: 04 Apr 2019, 07:00 AM IST

अश्विनी भदौरिया/जयपुर।

बीते कई सालों से नए काम नहीं करने की रोक हटने के बाद हाउसिंग बोर्ड ने शहर भर में खुद की जमीन तलाशना शुरू कर दिया है। यहां बाकायदा बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं। जगतपुरा स्थित महाराणा प्रताप सिंह सर्किल पर बेशकीमती जमीन पर हाउसिंग बोर्ड सम्पत्ति के बोर्ड लगा दिए हैं। इतना ही नहीं यहां पहले से लगे सार्वजनिक मोक्षधाम के बोर्ड को भी हटा दिया गया है। हालांकि बोर्ड के अधिकारी खुद की जमीन होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन आस-पास के लोगों का कहना है कि नगरीयावाला, चक गेटोर सहित आस-पास के कई गांवों के लोगों का अंतिम संस्कार यहीं पर होता है। ऐसे में आने वाले दिनों में इन गांवों के लिए मुसीबत खड़ी होने वाली है।

2017 में हो चुका है इसका शिलान्यास
मौके पर जब राजस्थान पत्रिका की टीम पहुंची तो जिस दीवार पर बोर्ड की ओर से चेतावनी लिखी गई है, उसी दीवार पर शिलान्यास की पट्टिा भी लगी हुई है। अप्रेल, 2017 में सांसद रामचरण बोहरा, महापौर अशोक लाहोटी और विधायक कैलाश वर्मा ने निर्माण कार्य का शिलान्यास किया था। क्षेत्रीय पार्षद रामा देवी शर्मा का कहना है कि अभी छह लाख रुपए के विकास कार्य होना प्रस्तावित हैं, लेकिन कुछ स्थानीय लोग इसमें काम नहीं होने दे रहे।

लिखी चेतावनी
तीन दिन पहले मंडल की ओर से यहां पर बोर्ड लगा दिया गया। इसके अलावा प्रवेश द्वार की ओर दीवार पर चेतावनी लिख दी। जिसमें लिखा है कि यह जमीन आवासन मंडल की है और व्यवसायिक प्रयोजनार्थ आरक्षित है। इस भूमि पर अंतिम संस्कार किया जाना गैर कानूनी है। आदेश न मानने पर उक्त व्यक्ति या संस्था के खिलाफ कार्यवाही की बात भी लिखी है।

इनका कहना है..
बोर्ड तो तभी लगाया होगा जब बोर्ड की सम्पत्ति होगी। यदि पहले से वहां श्मशान घाट है तो मौके पर अधिकारियों को भेज यथास्थिति को दिखवाएंगे।
-राजीव जैन, सचिव, हाउसिंग बोर्ड

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