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जयपुर।
प्रदेश के रिफाइनरी प्रोजेक्ट में अब तक 500 करोड़ के विभिन्न निर्माण कार्यों को लेकर टेण्डर हो चुके हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में करीब 255 करोड़ और चालू वित्तीय वर्ष में करीब 250 करोड़ के टेण्डर हुए हैं। रिफाइनरी में अब तक हुए कार्यों और आगामी दिनों में होने वाले कार्यों को लेकर बुधवार को एचपीएसएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड की 22 वीं बोर्ड बैठक में मंथन हुआ।
प्रत्येक तीन माह में होने वाली इस बोर्ड बैठक में बुधवार को रिफाइनरी को लेकर चल रहे चारदीवारी निर्माण, इंटरनल सड़क निर्माण और क्रूड़ ऑयल, प्रोडक्ट ऑयल और पानी की लाइनों को लेकर सर्वें पर चर्चा हुई। बैठक में पेट्रोलियम विभाग की सचिव अपर्णा अरोड़ा और पेट्रोलियम निदेशक बी.एस. राठौड़ के अलावा एचपीसीएल के निदेशक एच.आर., एक्जक्यूटिव डायरेक्टर मौजूद थे। बैठक में एचपीसीएल के चेयरमेन एम.के. सुराणा को भी मुम्बई से वीडियो कांफ्रेस के जरिए जोडऩा था। लेकिन वे अन्य बैठक में व्यस्थता के चलते नहीं जुड़ सके।
बैठक में पिछले साल कंपनी में हुए 255 करोड़ के कार्यों को लेकर राज्य सरकार की ओर से करीब ६६ करोड़ रुपए हिस्सेदारी के रुप में दिए गए। रिफाइनरी प्रोजेक्ट में 74 फीसदी एचपीसीएल और 26 फीसदी राज्य सरकार की हिस्सेदारी है। रिफाइनरी निर्मा के लिए 33 किमी लम्बाई में चारदीवारी का निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें से करीब ९ किमी में फिलहाल तेजी से चल रहा है।
उल्लेखनीय है कि रिफाइनरी प्रोजेक्ट राज्य सरकार का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है। यह प्रदेश के लिए पश्चिम से सूरज उगने की तरह है। रिफाइनरी के चालू होने के बाद अब तक पिछड़े प्रदेश के बाड़मेर-जैसलमेर जिलों में तेजी से विकास होगा। रिफाइनरी का काम चार साल में पूरा होगा।
Published on:
09 May 2018 10:10 pm
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