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अभी भी जिंदा है इंसानियत, पड़ोसियों ने पेश की मिसाल, बुजुर्ग का किया अंतिम संस्कार

Humanity is Still Alive : यह खबर आपको झकझोर देगी। एक बुजुर्ग की मौत हो गई। सूचना पर भी परिजन नहीं आए। इसके बाद आस-पास के लोगों ने मिलजुल कर बुजुर्ग अंतिम यात्रा निकाली और सम्मान पूर्वक अंतिम संस्कार किया। लोगों ने एक मिसाल पेश कर समाज में यह संदेश दिया कि आज भी जिंदा है इंसानियत।

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Humanity

Neighbors set an precedent : यह खबर आपको झकझोर देगी। एक बुजुर्ग की मौत हो गई। सूचना पर भी परिजन नहीं आए। इसके बाद आस-पास के लोगों ने मिलजुल कर बुजुर्ग अंतिम यात्रा निकाली और सम्मान पूर्वक अंतिम संस्कार किया। लोगों ने एक मिसाल पेश कर समाज में यह संदेश दिया कि आज भी जिंदा है इंसानियत। मामला कालवाड़ के बैनाड़ रेलवे स्टेशन के पास थड़ी में सामान बेचकर अपना गुजर बसर कर रहे एक वृद्ध की है। जिसकी मौत हो जाने पर सूचना के बावजूद उसके गांव से कोई परिजन नहीं आया। तब आस-पास के लोगों ने हरमाड़ा पुलिस को इसकी सूचना दी। फिर बोयथावाला के बालाजी विहार डी निवासी दीन दयाल चौधरी (रोलानिया) की पहल पर यहां के लोगों ने इंसानियत की मिसाल पेश की। बुजुर्ग की अंतिम यात्रा निकाली और फिर उनका ससम्मान अंतिम संस्कार किया।

15 साल से बैनाड़ रेलवे स्टेशन पर रह रहे थे

राधाकिशनपुरा के सिरसी और हाल बैनाड़ रोड बोयथावाला निवासी दीनदयाल रोलानिया ने बताया कि रघुनाथ सिंह जाट ( 74) पुत्र बक्सा राम निवासी रतजीतपुरा, किशन मानपुरा गोविन्दगढ़ हाल काशी नगर बोयथावाला 15 साल से यहां बैनाड़ रेलवे स्टेशन के पास रहता था। वह थड़ी लगाकर चाय आदि बेचकर अपना गुजर बसर कर रहा था। साथ ही डिपो के पास कोटड़ी में रहता था। बीती रात को खाना खाकर सोया, सुबह जब वह उठा नहीं और देखा गया तो वह अचेत अवस्था में पड़ा था, सांसें भी नहीं चल रही थी।

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मानवता की मिसाल पेश की

इसकी सूचना मृतक के भतीजे को दी गई। सूचना पर अंतिम संस्कार के लिए कोई परिजन नहीं आया। मौके पर हरमाड़ा पुलिस आई। इसके बाद दीनदयाल चौधरी और आस-पास के लोगों ने अंतिम यात्रा निकाल कर मृतक रघुनाथ सिंह जाट का मोक्ष धाम पर अंतिम संस्कार कर मानवता की मिसाल पेश की।

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