4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एसटी का मंत्री हूं, तो क्या जवाब भी सुनना अच्छा नहीं लगता

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा का विपक्ष पर प्रहार

2 min read
Google source verification
minister ramesh meena

minister ramesh meena


जयपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री रमेश मीणा का जवाब लंबा चलने और उसे पढ़कर बोलने को लेकर उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ की मंत्री से तकरार हो गई। राठौड़ ने सभापति राजेन्द्र पारीक से दखल का आग्रह करते हुए कहा, जवाब पढ़ा मानकर खत्म कराओ, मंत्री ने कहा ‘मैं एसटी का मंत्री हूं, आदिवासी क्षेत्र से आता हूं, तो क्या मेरा जवाब सुनने में भी परेशानी है? राठौड़ ने कहा, जहां आसन का सम्मान नहीं, वहां बैठ नहीं सकते। यह कहकर विपक्ष सदन से चला गया। ग्रामीण विकास और पंचायतीराज विभाग की अनुदान मांगों पर मंत्री के जवाब के दौरान गुरुवार रात विधानसभा में यह स्थिति सामने आई। दरअसल, मंत्री का वक्तव्य लंबा चलने पर राजेंद्र राठौड़ ने कहा, अभी तक तो मंत्री लिखा हुआ भाषण पढ़ रहे थे, अब आरोप भी लगा रहे हैं। इसके जवाब में रमेश मीणा बोले, आप समय खाते हो तब तो बुरा नहीं लगता? ईमानदार आदमी के जमीर में कितना पॉवर होता है, यह काम करके देखो तो पता लगे।

मंत्री ने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण स्थानों में निर्धन, वंचित वर्ग एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है। मंत्री ने मनरेगा बजट घटने पर तंज कसा, राशि दिलाने के लिए विपक्ष से केंद्र पर दवाब बनाने का आग्रह किया।


देख लो कब हुआ ज्यादा भ्रष्टाचार

रमेश मीणा ने राजेन्द्र राठौड़ को चुनौती देते हुए कहा, आप भी मंत्री रहे, देख लो कब ज्यादा भ्रष्टाचार हुआ। राठौड़ के आपत्ति जताने पर मंत्री की टिप्पणी को कार्यवाही से निकाल दिया गया। उधर, मनरेगा बेरोजगारी भत्ते के नियम 1 अप्रेल से लागू होंगे।

हर अधिकारी एक गांव गोद लेगा

मंत्री ने कहा कि गांव के हर व्यक्ति को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए एक गांव, एक अधिकारी अभियान शुरू होगा। इसमें हर अधिकारी/कर्मचारी एक गांव गोद लेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में भू आवंटन एवं पट्टे के लिए एसओपी लागू होगी।